चक्रधरपुर स्टेशन पर बाल तस्करी का बड़ा प्रयास नाकाम, तमिलनाडु ले जाए जा रहे 11 बच्चे रेस्क्यू

चक्रधरपुर स्टेशन पर बाल तस्करी का बड़ा प्रयास नाकाम, तमिलनाडु ले जाए जा रहे 11 बच्चे रेस्क्यू

चाईबासा (CHIBASA) : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर बाल तस्करी के एक बड़े प्रयास को समय रहते विफल कर दिया गया. चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में 11 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया. प्रारंभिक जांच में पता चला कि बच्चों को नौकरी का झांसा देकर तमिलनाडु ले जाया जा रहा था. सभी बच्चों को सुरक्षित बाल गृह भेज दिया गया है और उन्हें उनके परिवारों से मिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर 11 बच्चे संदिग्ध परिस्थितियों में मिले

जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी के निर्देश पर स्टेशन परिसर में विशेष जांच अभियान चलाया गया. जांच के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर 11 बच्चे संदिग्ध परिस्थितियों में मिले. इनमें 7 बालक और 4 बालिकाएं शामिल हैं. सभी बच्चों की उम्र लगभग 11 से 16 वर्ष के बीच बताई गई है.

सभी बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया गया

प्रारंभिक पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्हें नौकरी दिलाने का झांसा देकर तमिलनाडु ले जाया जा रहा था. इसके बाद संयुक्त टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और घटना की सूचना चक्रधरपुर थाना प्रभारी को दी. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्चों को सुरक्षित बाल कल्याण समिति, पश्चिमी सिंहभूम के समक्ष प्रस्तुत कराने में सहयोग किया.

सभी बच्चों को राजकीय बाल गृह में सुरक्षित रखा गया

रेस्क्यू के बाद बच्चों को तत्काल भोजन, पेयजल और प्राथमिक काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई. बाल कल्याण समिति के आदेश पर फिलहाल सभी बच्चों को राजकीय बाल गृह में सुरक्षित रखा गया है. वहीं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की टीम बच्चों की विस्तृत काउंसलिंग कर रही है. साथ ही उनके परिवारों की पहचान कर सुरक्षित घर वापसी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.

11 बच्चों को तस्करी का शिकार होने से बचाया गया

जिला समन्वयक, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 ने कहा कि बाल तस्करी एक गंभीर और जघन्य अपराध है. RPF, GRP और चाइल्ड हेल्पलाइन की सतर्कता एवं आपसी समन्वय के कारण 11 बच्चों को संभावित शोषण और तस्करी का शिकार होने से बचाया जा सका.

उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यदि रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर कोई बच्चा अकेला, डरा-सहमा या संदिग्ध व्यक्तियों के साथ दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, RPF हेल्पलाइन 139 या GRP को दें. समय पर दी गई एक सूचना किसी मासूम बच्चे का भविष्य सुरक्षित कर सकती है. साथ ही नागरिकों से बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति और बाल तस्करी जैसी गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने और संदिग्ध मामलों की तत्काल जानकारी संबंधित एजेंसियों को देने की भी अपील की गई है.

रिपोर्ट – संतोष वर्मा