चाईबासा(CHAIBASA): पश्चिमी सिंहभूम जिले में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. फरार चल रहे तीन अभियुक्तों के खिलाफ अदालत के आदेश पर उनके घरों पर इश्तेहार (नोटिस) चिपकाया है. यह कार्रवाई 1 जून को की गई, जिससे क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता और सख्ती साफ झलकती है.
इन तीनों अभियुक्तों में सबसे प्रमुख नाम 15 लाख रुपये के इनामी नक्सली सालुका कायम उर्फ भुनेश्वर उर्फ जयराम का है. वह साधु चरण कायम का पुत्र है और कूदाबुरु गांव का रहने वाला बताया जाता है. लंबे समय से फरार इस नक्सली पर गंभीर आपराधिक मामलों में संलिप्त होने का आरोप है और पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही है.
इसके अलावा दूसरा अभियुक्त रतन दांगील है, जो सुरेश दांगील का पुत्र है और टेंडरसई गांव का निवासी बताया गया है. वहीं तीसरी आरोपी रिशिव उर्फ जीवरी उर्फ ऊषा सोय है, जो कुंदा सोय की पुत्री है और माइलीपी गांव की रहने वाली बताई जाती है. ये सभी सोनुवा थाना क्षेत्र के निवासी हैं और लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर हैं.
इन तीनों के खिलाफ 21 जून 2025 को दर्ज कराईकेला थाना कांड संख्या 02/2025 के तहत सीएलए एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज है. सभी आरोपी गंभीर अपराधों में वांछित हैं और लगातार फरार चल रहे हैं.
न्यायालय के निर्देश पर पुलिस ने इनके घरों पर इश्तेहार चस्पा कर उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर अदालत में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है. साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि आरोपी समय रहते सरेंडर नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
कराईकेला थाना प्रभारी प्यारे हसन ने बताया कि फरार नक्सलियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार सघन छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इश्तेहार चिपकाना कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है, जिससे आरोपियों को आत्मसमर्पण का अंतिम मौका दिया जाता है.
पुलिस ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि यदि इन फरार नक्सलियों के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें. सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी. साथ ही, नक्सलियों से भी अपील की गई है कि वे सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाकर मुख्यधारा में लौट आएं, जिससे उन्हें पुनर्वास और अन्य सरकारी सुविधाएं मिल सकें.