दक्षिण पूर्व रेलवे को मिला नया नेतृत्व, मनीष जैन बने नए अपर महाप्रबंधक

दक्षिण पूर्व रेलवे को मिला नया नेतृत्व, मनीष जैन बने नए अपर महाप्रबंधक

बोकारो (BOKARO): दक्षिण पूर्व रेलवे को नया अपर महाप्रबंधक (Additional General Manager) मिल गया है. भारतीय रेल यांत्रिक अभियंता सेवा (IRSME) के 1990 बैच के वरिष्ठ अधिकारी मनीष जैन ने शुक्रवार, 17 जुलाई को आधिकारिक रूप से दक्षिण पूर्व रेलवे के अपर महाप्रबंधक का पदभार संभाल लिया. उनके कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही रेलवे प्रशासन को अनुभवी नेतृत्व मिला है, जिससे संगठन की कार्यप्रणाली और यात्री सुविधाओं को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

पदभार संभालने से पहले मनीष जैन मेट्रो रेलवे, कोलकाता में प्रधान मुख्य सुरक्षा अधिकारी (Principal Chief Safety Officer) के रूप में कार्यरत थे. भारतीय रेलवे में तीन दशक से अधिक लंबे सेवाकाल के दौरान उन्होंने प्रशासन, तकनीकी प्रबंधन और रेल सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है. अपने करियर में मनीष जैन ने भारतीय रेलवे के अनेक प्रतिष्ठित पदों पर कार्य किया है. वे पूर्व रेलवे में मुख्य रोलिंग स्टॉक इंजीनियर (कोचिंग), हावड़ा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM), रेलवे बोर्ड में कार्यकारी निदेशक (यांत्रिक अभियांत्रिकी–माल) तथा कार्यकारी निदेशक (यांत्रिक अभियांत्रिकी–ट्रैक्शन) जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने इरकॉन इंटरनेशनल में मुख्य महाप्रबंधक, कॉनकॉर (CONCOR) में ग्रुप जनरल मैनेजर (तकनीकी) और राष्ट्रीय रेल संग्रहालय, नई दिल्ली के निदेशक के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं.

रेल अभियांत्रिकी, परिचालन प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था के क्षेत्र में मनीष जैन को व्यापक अनुभव प्राप्त है. उन्होंने भारत के साथ-साथ अमेरिका और कनाडा में आयोजित कई अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर आधुनिक रेल तकनीक, सुरक्षा और प्रबंधन से जुड़ी विशेषज्ञता हासिल की है. पेशेवर जिम्मेदारियों के अलावा मनीष जैन खेल, संगीत और फिल्मों में भी गहरी रुचि रखते हैं. दक्षिण पूर्व रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में रेलवे के विकास कार्यों को नई रफ्तार मिलेगी, परिचालन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कई प्रभावी पहल की जाएंगी. उनके अनुभव और प्रशासनिक क्षमता से दक्षिण पूर्व रेलवे को भविष्य में नए आयाम मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.