पलायन की भेंट चढ़ा साड़म का मजदूर, मुंद्रा में ब्रेन स्ट्रोक से मौत, शव पहुंचते ही गांव में पसरा मातम
पलायन एक बार फिर एक गरीब परिवार के लिए काल बनकर आया. रोजी-रोटी की तलाश में गुजरात गए साड़म के एक मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई. गुरुवार सुबह जब उसका शव गांव पहुंचा तो परिजनों की चीत्कार से पूरा गांव गमगीन हो गया.
बोकारो: पलायन एक बार फिर एक गरीब परिवार के लिए काल बनकर आया. रोजी-रोटी की तलाश में गुजरात गए साड़म के एक मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई. गुरुवार सुबह जब उसका शव गांव पहुंचा तो परिजनों की चीत्कार से पूरा गांव गमगीन हो गया. मृतक की पहचान गोमिया प्रखंड के साड़म पश्चिमी पंचायत के नाई टोला निवासी शिरपाल ठाकुर (52) के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार शिरपाल लगभग चार माह पूर्व परिवार के भरण-पोषण के लिए गुजरात के मुंद्रा शहर गया था. वहां वह एक निर्माणाधीन कारखाने में एजेंसी के माध्यम से हेल्पर का काम करता था.
बताया जाता है कि करीब 15 दिन पूर्व काम के दौरान अचानक उसे ब्रेन स्ट्रोक हुआ. एजेंसी के लोगों ने उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां मंगलवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. एजेंसी द्वारा सूचना मिलने के बाद परिजन गहरे सदमे में हो गए. गुरुवार सुबह शव एम्बुलेंस से साड़म पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया, और पूरे गांव में मातम पसर गया. मृतक अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गया है. इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र से हो रहे पलायन और प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
बोकारो, गोमिया से संजय कुमार की रिपोर्ट