बोकारो(BOKARO): बोकारो जिले के चास और आसपास के इलाकों की बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ी पहल शुरू हो गई है. सिलफोर में करीब 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से अत्याधुनिक पावर ग्रिड का निर्माण किया जाएगा. इस परियोजना के पूरा होने के बाद चास, चीरा चास समेत आसपास के कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पहले से ज्यादा बेहतर और स्थिर होने की उम्मीद है.
नए पावर ग्रिड से फुदनीडीह, बारी को-ऑपरेटिव, नारायणपुर, मामरकुदर और कालापत्थर जैसे कई सब-स्टेशनों को भी लाभ मिलेगा. जिला प्रशासन ने परियोजना के लिए सिलफोर में लगभग 10 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है. उपायुक्त अजय नाथ झा की पहल पर भूमि चिह्नित कर विद्युत विभाग को सौंपने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है.
विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा. करीब दो साल में इस ग्रिड से बिजली आपूर्ति शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है.
फिलहाल चास और आसपास के इलाकों को बरमसिया, जैनामोड़ पावर ग्रिड और डीवीसी से बिजली मिलती है. लंबी दूरी से बिजली आने के कारण तकनीकी खराबी या फॉल्ट की स्थिति में बड़े क्षेत्र में बिजली बाधित हो जाती है. इससे उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
सिलफोर में बनने वाला नया ग्रिड इस समस्या को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा. चास सब-स्टेशन से इसकी दूरी करीब 13 किलोमीटर होगी, जिससे बिजली आपूर्ति का नेटवर्क छोटा और ज्यादा प्रभावी होगा. खराबी आने पर मरम्मत कार्य भी तेजी से किया जा सकेगा.
विद्युत विभाग का अनुमान है कि ग्रिड शुरू होने के बाद चास की डीवीसी पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी. आने वाले समय में बढ़ते औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय विस्तार को देखते हुए यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
नए पावर ग्रिड के शुरू होने से लो-वोल्टेज, ओवरलोडिंग और बार-बार बिजली कटौती जैसी समस्याओं में कमी आएगी. यह परियोजना क्षेत्र के लाखों उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी.
