झारखंड की सेवाती घाटी बनेगी नया टूरिस्ट स्पॉट,प्रशासन ने तेज की तैयारी

राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन मुर्मू के कसमार प्रखंड स्थित सेवाती घाटी का निरीक्षण करने के बाद बोकारो जिला प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है. मुख्यमंत्री ने कसमार प्रखंड स्थित सेवाती घाटी झरना को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया है.

झारखंड की सेवाती घाटी बनेगी नया टूरिस्ट स्पॉट,प्रशासन ने तेज की तैयारी

बोकारो(BOKARO): राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन मुर्मू के कसमार प्रखंड स्थित सेवाती घाटी का निरीक्षण करने के बाद बोकारो जिला प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है. मुख्यमंत्री ने कसमार प्रखंड स्थित सेवाती घाटी झरना को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया है. यह घाटी बंगाल और झारखंड के बॉर्डर पर स्थित है जिस कारण पर्यटन की संभावना काफी अधिक लग रही है.

पर्यटन के लिए प्रशासन ने पहल की तेज

बोकारो के कसमार प्रखंड स्थित सेवाती घाटी के पर्यटन विकास और सुंदरीकरण की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है. उपायुक्त अजय नाथ झा ने सेवाती घाटी का भ्रमण कर अधिकारियों को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया. इस योजना के तहत सड़क कनेक्टिविटी बेहतर करने, स्थानीय हाट-बाजारों को मॉडल बाजार के रूप में विकसित करने और होटल-रेस्तरां में स्थानीय व्यंजनों से सजी ‘सेवाती थाली’ परोसने की योजना है. प्रशासन का मानना है कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों, महिला स्वयं सहायता समूहों और बांस कारीगरों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर पैदा होंगे.

कसमार प्रखंड की प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर सेवाती घाटी को पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने की तैयारी है. इसी सिलसिले में उपायुक्त अजय नाथ झा ने अधिकारियों के साथ क्षेत्र का भ्रमण किया और मौके पर ही बैठक कर पर्यटन विकास एवं सुंदरीकरण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.

क्या है उपायुक्त का कहना

उपायुक्त ने कहा कि सेवाती घाटी धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है. बनारस-कोलकाता राजमार्ग के समीप स्थित होने के कारण यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को पर्यटन सर्किट के अनुरूप सड़क निर्माण की विस्तृत योजना तैयार करने का निर्देश दिया. साथ ही, विकास कार्यों के दौरान पर्यावरण संरक्षण और घाटी के प्राकृतिक सौंदर्य को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया. प्रभारी डीएफओ नीतीश कुमार ने बताया कि दो तरह का प्रपोजल बनेगा पहले चरण में इस पर काम शुरू किया जाएगा उसके बाद प्रस्ताव राज सरकार के पास भेजा जाएगा क्योंकि यह बैंड का क्षेत्र है पर्यावरण की दृष्टि से कौन से इसको डेवलप किया जाएगा इसमें सीमेंट का कम उपयोग किया जाएगा.

सेवाती घाटी के पर्यटन विकास और सुंदरीकरण से जुड़ी पूरी कार्ययोजना तैयार कर अनुमोदन के लिए राज्य सरकार को भेजी जाएगी. अब देखना होगा कि इस योजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है.

रिपोर्ट- संजीव कुमार