बोकारो: किसान की बेटी ने रचा इतिहास, NEET में शानदार रैंक हासिल कर बढ़ाया झारखंड का मान

बोकारो: किसान की बेटी ने रचा इतिहास, NEET में शानदार रैंक हासिल कर बढ़ाया झारखंड का मान

BOKARO: बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड की रहने वाली दीपा कुमारी ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में शानदार सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है. साधारण किसान परिवार से आने वाली दीपा ने ऑल इंडिया रैंक 8875 प्राप्त की है, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी में उन्हें 3896वीं रैंक मिली है. उनकी इस उपलब्धि से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है और लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं.

दीपा गोमिया क्षेत्र के होसिर रथटांड़ गांव की निवासी हैं. उनके पिता तारमेश्वर प्रजापति खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं. सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा बेटी की पढ़ाई को प्राथमिकता दी. दीपा ने भी कठिन परिस्थितियों को अपनी राह की बाधा नहीं बनने दिया और लगातार मेहनत करते हुए डॉक्टर बनने के अपने सपने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया.

पढ़ाई के प्रति दीपा की लगन बचपन से ही दिखाई देती थी. उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा गांव के उच्च विद्यालय होसिर से पूरी की. झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की 10वीं बोर्ड परीक्षा में उन्होंने 90.80 प्रतिशत अंक हासिल किए थे. इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने बोकारो जिले में नौवां स्थान प्राप्त किया था. इसके बाद उन्होंने 11वीं और 12वीं की पढ़ाई सीबीएसई बोर्ड से पूरी की और मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी पर पूरा ध्यान केंद्रित किया.

डॉक्टर बनने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए दीपा ने राजस्थान के कोटा में दो वर्षों तक रहकर NEET की तैयारी की. लगातार अभ्यास, अनुशासन और मेहनत का ही परिणाम रहा कि उन्होंने देश की सबसे कठिन मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक में उल्लेखनीय सफलता हासिल की.

अपनी सफलता पर दीपा ने इसका श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और परिवार के सहयोग को दिया. उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो किसी भी परिस्थिति में सफलता हासिल की जा सकती है. उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों से अपील की कि वे अपने सपनों को छोटा न समझें और पूरी मेहनत के साथ उन्हें पूरा करने का प्रयास करें.

दीपा की इस उपलब्धि से पूरे गोमिया क्षेत्र में गर्व का माहौल है. उनकी सफलता पर कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं. झारखंड प्रजापति कुम्हार महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष देवनारायण प्रजापति भी उनके घर पहुंचे और उन्हें सम्मानित करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि दीपा ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती. गांव की बेटियां भी मेहनत, आत्मविश्वास और सही मार्गदर्शन के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं. उनकी सफलता आने वाली पीढ़ी के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी.

रिपोर्ट: संजय रवानी