बोकारो के डीएसपी चर्चा में, 2024 में बने थे DSP, 2026 में शादी होते ही विवादों में घिरे अधिकारी, जानिए पूरा मामला

बोकारो CCR DSP राम प्रवेश कुमार पर उनकी पत्नी ने मारपीट, प्रताड़ना, मायके से पैसे लाने का दबाव, 10 दिनों तक कमरे में बंद रखने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं.

बोकारो के डीएसपी चर्चा में, 2024 में बने थे DSP, 2026 में शादी होते ही विवादों में घिरे अधिकारी, जानिए पूरा मामला

बोकारो (BOKARO): यूं तो वर्दी वालों से उम्मीद की जाती है की लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उनकी सबसे पहली प्राथमिकता है. पर क्या आपने कभी ये सोचा है जिस वर्दी वाले पर सुरक्षा की जिम्मेदारी है, उन्हीं के घर से ऐसी खबरें आने लगे तो आम लोग कैसे किसी पर यकीन करेंगे. यह चीजें सुनकर बेशक आपके मन में भी उन्ही डीएसपी साहब का नाम सामने आया होगा जो इन दिनों चर्चा में हैं. बात हो रही है बोकारो के अधिकारी की जिनके ऊपर उनकी पत्नी ने ऐसी गंभीर शिकायत की है, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. 

दरअसल बोकारो कंपोजिट कंट्रोल रूम यानि की CCR के DSP राम प्रवेश कुमार पर उनकी पत्नी ने मारपीट, प्रताड़ना, मायके से पैसे लाने का दबाव बनाने, कमरे में बंद रखने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. पत्नी का दावा है कि उसे करीब 10 दिनों तक कमरे में बंद रखा गया और पैसे नहीं लाने पर उसके साथ मारपीट की गई. अब सवाल यह है कि अगर पत्नी के साथ लगाए गए ये आरोप जांच में सही साबित होते हैं, तो दूसरों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी की भूमिका पर सवाल क्यों न उठें? हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी.

कौन हैं DSP राम प्रवेश कुमार?
राम प्रवेश कुमार झारखंड पुलिस के नवनियुक्त प्रशिक्षु/परिवीक्षाधीन DSP अधिकारियों के समूह में शामिल रहे हैं. उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक, उन्होंने अक्टूबर 2024 में DSP प्रशिक्षण पूरा किया था. प्रशिक्षण के दौरान उनकी खूंटी में फील्ड ड्यूटी से जुड़े रिकॉर्ड भी सामने आते हैं. इसके बाद मई 2026 में झारखंड गृह विभाग की ओर से जारी DSP तबादला-पदस्थापन आदेश में उन्हें DSP, CCR बोकारो की जिम्मेदारी दी गई. यानी कम उम्र में पुलिस सेवा में चयनित होकर DSP जैसे महत्वपूर्ण पद तक पहुंचने वाले अधिकारी पर अब उनकी पत्नी की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों ने उनकी कार्यशैली और निजी आचरण को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि, उनके चयन का सटीक JPSC परीक्षा वर्ष/बैच नंबर उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड से स्पष्ट नहीं है.

पीड़िता के मुताबिक, उसकी शादी राम प्रवेश कुमार से 11 मार्च 2026 को हुई थी. शादी के शुरुआती दिनों के बाद ही पति कथित तौर पर मायके से पैसे लाने का दबाव बनाने लगा. पत्नी का कहना है कि उसने कई बार बातचीत कर पति को समझाने की कोशिश की, लेकिन कथित तौर पर उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया. आरोप है कि जब उसने मायके से पैसे लाकर देने में असमर्थता जताई तो उसके साथ मारपीट की जाने लगी. पीड़िता ने पुलिस को बताया कि पति की प्रताड़ना लगातार बढ़ती गई और एक समय ऐसा आया जब उसे घर के एक कमरे में बंद कर दिया गया.

पीड़िता ने प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि पिछले करीब 10 दिनों से उसे कमरे में बंद रखा गया था. उसका दावा है कि इस दौरान पति कमरे में आकर उसके साथ मारपीट करता था. पीड़िता के अनुसार, उसने कई बार छोड़ने की गुहार लगाई, लेकिन कथित तौर पर उसकी बात नहीं मानी गई. मारपीट के कारण उसके शरीर पर चोट के निशान भी आए. किसी तरह वह पति को बिना बताए रांची स्थित अपने मायके पहुंची. इसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर गए, जहां उसका उपचार कराया गया.

पत्नी ने पुलिस को बताया कि पति को आशंका थी कि वह अपने मायके वालों को कथित मारपीट की जानकारी दे देगी. इसी वजह से उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया था. पीड़िता का आरोप है कि जब भी पति घर से बाहर जाता था, उसे कमरे में बंद कर देता था ताकि वह बाहर निकलकर किसी को घटना के बारे में न बता सके. उसने यह भी आरोप लगाया कि मायके से पैसे नहीं लाने पर उसे जान से मारने की धमकी दी जाती थी. इसी डर के कारण वह काफी समय तक कथित तौर पर चुप रही.

पीड़िता के अनुसार, 31 अगस्त को उसने पति से कहा कि वह मायके जाकर पैसे लेकर आएगी. इसी बात का भरोसा दिलाकर वह बोकारो स्थित घर से रांची के लिए निकली. आरोप है कि घर से निकलते वक्त भी पति ने उसे धमकी दी कि अगर वह बिना पैसे लिए वापस लौटी तो उसे जान से मार दिया जाएगा. रांची के कोकर स्थित मायके पहुंचने के बाद वह माता-पिता के सामने रोने लगी. परिजनों ने जब उससे वजह पूछी तो उसने कथित प्रताड़ना की पूरी जानकारी दी. परिजनों ने उसके शरीर पर चोट के निशान भी देखे. इसके बाद परिवार के लोग उसे लेकर सदर थाना पहुंचे, जहां शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई.

पत्नी की ओर से लगाए गए आरोपों को लेकर DSP राम प्रवेश कुमार का पक्ष जानने के लिए उनसे कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला. ऐसे में मामले में उनका पक्ष फिलहाल सामने नहीं आ सका है. मामले को लेकर सदर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. सदर DSP संजीव कुमार बेसरा ने कहा कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस मामले से जुड़े साक्ष्यों को जुटा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस पीड़िता के लगाए आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच कर रही है. जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.