बोकारो: नेशनल हाईवे पर खड़ी गाड़ियों से हादसे, ट्रैफिक विभाग सख्त

नेशनल हाईवे पर सड़क किनारे खड़ी बड़ी गाड़ियों के कारण लगातार हो रहे हादसों को लेकर ट्रैफिक विभाग सतर्क हो गया है. ट्रैफिक DSP और इंस्पेक्टर ने खुद मोर्चा संभालते हुए सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है.

बोकारो: नेशनल हाईवे पर खड़ी गाड़ियों से हादसे, ट्रैफिक विभाग सख्त

बोकारो(BOKARO): नेशनल हाईवे पर सड़क किनारे खड़ी बड़ी गाड़ियों के कारण लगातार हो रहे हादसों को लेकर ट्रैफिक विभाग सतर्क हो गया है. ट्रैफिक DSP और इंस्पेक्टर ने खुद मोर्चा संभालते हुए सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. ट्रांसपोर्टरों को चेतावनी देने के साथ गाड़ियों का चालान भी किया जा रहा है. वहीं, लगातार तीन बार से अधिक चालान होने पर संबंधित गाड़ियों की सूची तैयार की जा रही है, ताकि आगे प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा सके.

ट्रैफिक विभाग ने तेज की कार्रवाई

बोकारो में नेशनल हाईवे पर सड़क किनारे खड़ी बड़ी गाड़ियां हादसों का कारण बन रही हैं. खासकर रात के समय खड़ी गाड़ियों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. हाल के दिनों में देर रात हुए दो सड़क हादसों में दो लोगों की मौत भी हो चुकी है.

इन हादसों को गंभीरता से लेते हुए ट्रैफिक विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है. ट्रैफिक DSP अजय प्रसाद और ट्रैफिक इंस्पेक्टर खुद सड़क पर उतरकर गाड़ियों की जांच कर रहे हैं. सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों के ट्रांसपोर्टरों को चेतावनी दी जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने पर चालान काटा जा रहा है.

क्या है ट्रैफिक DSP का कहना

ट्रैफिक DSP अजय प्रसाद के अनुसार, गाड़ियों की पार्किंग व्यवस्था के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखकर जगह उपलब्ध कराने की मांग की गई है. नगर निगम क्षेत्र में भी पार्किंग के लिए जमीन उपलब्ध कराने को लेकर निगम को पत्र भेजा गया है. हालांकि, अभी तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है.

ट्रैफिक विभाग का कहना है कि सड़क किनारे रात में खड़ी गाड़ियों की स्थिति ठीक नहीं रहने और यातायात नियमों का पालन नहीं करने के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं. ऐसे में नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी. लगातार तीन बार से अधिक चालान होने पर संबंधित गाड़ियों की सूची तैयार कर प्राथमिकी दर्ज करने की भी तैयारी की जा रही है.

रिपोर्ट- संजीव कुमार