TNP DESK-: देश की प्रतिष्ठित कारोबारी समूहों में शामिल टाटा संस में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन दिखने जा रहा है. टाटा संस के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन ने इस्तीफा दे दिया है. हालांकि वह कार्यकाल पूरा होने तक अपने पद पर बने रहेंगें. उन्होंने जनवरी 2017 में टाटा संस की कमान संभाली थी. एन चंद्रशेखरन ने कठिन समय में टाटा संस की कमान अपने हाथों में ली थी. साल 2016 में जब साइरस मिस्त्री को अचानक टाटा संस के अध्यक्ष पद से हटाया गया, तब टाटा समूह की साख पर सवाल उठने लगे थे. उस समय रतन टाटा और बोर्ड ने चंद्रशेखरन पर विश्वास जताया. अक्टूबर 2016 में वह बोर्ड में शामिल हुए और जनवरी 2017 में अध्यक्ष बने.
टाटा समूह के इतिहास में पहले गैर पारसी और प्रोफेशनल एग्जीक्यूटिव रहे
वह टाटा समूह के इतिहास में पहले ऐसे गैर पारसी और पूरी तरह से प्रोफेशनल एग्जीक्यूटिव रहे , जिन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई . उन्होंने न केवल साइरस मिस्त्री विवाद से उपजे हालात को संभाला , बल्कि समूह के अनुशासन और भरोसे को फिर से स्थापित किया. 1963 में जन्मे चंद्रशेखरन ने कंप्यूटर एप्लीकेशन में मास्टर्स करने के बाद 1987 में एक सॉफ्टवेर प्रोग्रामर के रूप में टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज में अपने करियर की शुरुआत की. 2009 में वह टीसीएस के सीईओ बने उनके नेतृत्व में टीसीएस ने आईटी सेक्टर में ग्लोबल स्तर पर अपनी पहचान बनाई. 30 साल तक केवल काम के दम पर आगे बढ़ते हुए एक ट्रेनिंज से देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने का प्रमुख बन गए.
चंद्रशेखरन का शानदार सफर किसी कहानी से कम नहीं
चंद्रशेखरन का सफर बहुत शानदार रहा है. एक किसान परिवार में जन्म लेने से लेकर देश के सबसे पुराने और सबसे बड़े बिजनेस हाउस के चेयरमैन बनने तक का उनका सफर किसी कहानी जैसा लगता है. एन. चंद्रशेखरन की बचपन से ही कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में रुचि थी. टाटा ग्रुप में करीब 4 दशक का सफर तय करने वाले चंद्रशेखरन ने टीसीएस से लेकर टाटा संस तक कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. आप सोचिए न, कभी टाटा ग्रुप में इंटर्न के तौर पर उन्होंने काम किया था और फिर वे टाटा ग्रुप की सबसे बड़ी कंपनी में सबसे ऊंचे पद तक पहुंचे. वे ऐसे पहले शख्स रहे, जो टाटा परिवार से बाहर के होते हुए टॉप पर काबिज हुए. एन. चंद्रशेखरन का पूरा नाम नटराजन चंद्रशेखरन है. वे भारत के प्रमुख उद्योगपतियों और कॉर्पोरेट जगत के चर्चित चेहरों में से एक हैं. उन्होंने टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के चेयरमैन के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
TCS के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के कार्यकाल को याद किया जाएगा
TCS के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में एन चंद्रशेखरन के कार्यकाल में कंपनी दुनिया के सबसे मूल्यवान आईटी सेवा ब्रांड्स में शामिल हुई. उनके नेतृत्व में TCS का राजस्व कई गुना बढ़ा और कंपनी देश में प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े नियोक्ताओं में से एक बन गई. इसके बाद टाटा संस के चेयरमैन के रूप में उन्होंने समूह के कई बड़े रणनीतिक फैसलों का नेतृत्व किया.इतना ही नहीं, वर्ष 2022 में एयर इंडिया की टाटा समूह में वापसी के बाद उसके पुनरुद्धार की जिम्मेदारी भी उन्होंने संभाली. साथ ही सेमीकंडक्टर निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी निर्माण और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे भविष्य के क्षेत्रों में टाटा समूह की मौजूदगी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई. उद्याेग जगत में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2022 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया, जबकि 2023 में भारत-फ्रांस आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए उन्हें फ्रांस के प्रतिष्ठित 'लीजन ऑफ ऑनर' सम्मान से नवाजा गया. इसके अलावा भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान उन्होंने बी20 इंडिया (B20 India) की भी अध्यक्षता की.

