TMC सांसद सागरिका घोष पहुंचीं जंतर-मंतर, बोलीं- कॉकरोचों का दूंगी साथ

TMC सांसद सागरिका घोष पहुंचीं जंतर-मंतर, बोलीं- कॉकरोचों का दूंगी साथ

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): देशभर में परीक्षा पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी मुद्दे पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में पिछले कई दिनों से प्रदर्शन जारी है. इस आंदोलन को अब कई बड़े नामों का समर्थन मिल चुका है. पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पहले ही प्रदर्शनकारियों के समर्थन में अनशन पर बैठ चुके हैं. अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने भी आंदोलन में शामिल होने का ऐलान किया है.

सागरिका घोष ने कहा है कि वह आज शाम जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल होंगी. प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. उनका आरोप है कि बार-बार परीक्षा पेपर लीक होने और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है.

सागरिका घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पिछले 12 दिनों से सीजेपी के युवा कार्यकर्ता 45 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी में जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि लगातार पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी अव्यवस्थाओं ने युवाओं को गहरी निराशा और मानसिक तनाव में डाल दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में 14 युवाओं की जान जा चुकी है. इसके बावजूद केंद्र सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है.

इससे पहले सागरिका घोष ने CJP नेता अभिजीत डिपके के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा था कि उनके साहसिक आंदोलन का समर्थन करना सभी का कर्तव्य है. अभिजीत डिपके ने भी उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और आंदोलन में शामिल होने का स्वागत किया.

वहीं, पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में अनशन पर बैठे हुए हैं. उनका अनशन आज चौथे दिन में पहुंच गया है. उनके समर्थकों ने स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है. हालांकि सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि वह ठीक हैं, लेकिन उन्हें थोड़ी थकान महसूस हो रही है.

अब सागरिका घोष के आंदोलन में शामिल होने से इस प्रदर्शन को और राजनीतिक मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या सरकार प्रदर्शनकारियों की मांगों पर कोई बड़ा फैसला लेती है या फिर यह आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप लेता है.