टीएनपी डेस्क (TNP DESK): देशभर में 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया और देशवासियों को संबोधित किया. इससे पहले पीएम मोदी ने राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके बाद वे लाल किले पहुंचे, जहां स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रध्वज फहराया गया.
ध्वजारोहण के बाद समारोह की शुरुआत राष्ट्रगान और देशभक्ति के माहौल के बीच हुई. इस दौरान पहली बार वंदे मातरम् का गायन भी हुआ. प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए आत्मनिर्भर भारत, देश की आर्थिक मजबूती और राष्ट्रीय हितों की रक्षा पर जोर दिया.

आत्मनिर्भर भारत पर पीएम मोदी का जोर
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत को दूसरे देशों पर निर्भर होकर आगे बढ़ने के बजाय अपनी क्षमताओं को मजबूत करना होगा. उन्होंने आत्मनिर्भर भारत को विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया. पीएम मोदी ने कहा कि देश को अपने हितों की रक्षा खुद करने की क्षमता विकसित करनी होगी. प्रधानमंत्री ने पिछले वर्षों में देश में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया. उन्होंने गैस कनेक्शन, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, मेट्रो नेटवर्क और रक्षा उत्पादन में हुई प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने कई क्षेत्रों में अपनी क्षमता को तेजी से बढ़ाया है. उनके मुताबिक, देश अब विकास की नई गति के साथ आगे बढ़ रहा है.

2014 से अब तक ऐसा रहा PM मोदी का भाषण
नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद 2014 में पहली बार लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया था. उस वर्ष उनका भाषण करीब 65 मिनट का था. इसके बाद 2015 में उन्होंने 86 मिनट, 2016 में 94 मिनट, 2017 में 57 मिनट, 2018 में 82 मिनट और 2019 में 92 मिनट तक देश को संबोधित किया. साल 2020 में पीएम मोदी का भाषण 86 मिनट, 2021 में 88 मिनट, 2022 में 83 मिनट और 2023 में करीब 90 मिनट का रहा. 2016 का 94 मिनट का संबोधन उनके लाल किले से अब तक के सबसे लंबे भाषणों में शामिल है, जबकि 2017 का 57 मिनट का भाषण सबसे छोटा रहा.

नेहरू और इंदिरा गांधी का भी रहा रिकॉर्ड
लाल किले से लंबे समय तक देश को संबोधित करने के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कई रिकॉर्ड बनाए हैं. साल 2015 में 86 मिनट के भाषण के साथ उन्होंने जवाहरलाल नेहरू के 1947 में दिए गए 72 मिनट के भाषण के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा था. लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सबसे अधिक बार तिरंगा फहराने का रिकॉर्ड देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम है. उन्होंने 1947 से 1964 के बीच कुल 17 बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रध्वज फहराया. उनके बाद इंदिरा गांधी का स्थान है, जिन्होंने 16 बार स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से तिरंगा फहराया था. इस बार 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन में आत्मनिर्भर भारत, विकास और देश के हितों को प्राथमिकता देने का संदेश प्रमुख रहा. लाल किले से दिए गए उनके भाषण पर अब देशभर की नजर है.

