आंदोलन जारी, लेकिन भीड़ क्यों नहीं? समझिए सोनम वांगचुक के अभियान की चुनौती

आंदोलन जारी, लेकिन भीड़ क्यों नहीं? समझिए सोनम वांगचुक के अभियान की चुनौती

टीएनपी डेस्क (TNP DESK):इन दिनों सोशल मीडिया हो, समाचार पत्र हों, टीवी हो या फिर चाय की चौपाल, हर जगह एक नाम की जोर-शोर से चर्चा हो रही है. वह नाम है सोनम वांगचुक. सोनम वांगचुक देश की शिक्षा व्यवस्था, नीट पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे है.उनकी भूख हड़ताल को 21 दिन से अधिक हो चुके है. लगातार उपवास के कारण उनकी तबीयत भी बिगड़ती जा रही है, लेकिन वह अपना अनशन खत्म करने को तैयार नहीं है.हालांकि, देशभर से उन्हें समर्थन भी मिल रहा है. बड़ी संख्या में लोग उनके उठाए गए मुद्दों का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन समर्थन के अनुरूप आंदोलन स्थल पर भीड़ नहीं जुट रही है.इसकी वजह को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की चर्चाएं हो रही है.कुछ लोग सोनम वांगचुक के समर्थन में आंदोलन स्थल पर पहुंच रहे हैं, जबकि कुछ लोग उनके उठाए गए मुद्दों से सहमत होने के बावजूद उस मंच से दूरी बनाए हुए हैं, जहां से आंदोलन चलाया जा रहा है. एक तरफ जहां बॉलीवुड की कई चर्चित हस्तियों ने सोनम वांगचुक के समर्थन में अपनी बात रखी है और उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि अपेक्षित संख्या में लोग आंदोलन स्थल पर क्यों नहीं पहुंच रहे है.आइए जानते हैं कि सोशल मीडिया पर इसे लेकर किस तरह की चर्चाएं हो रही है.

समर्थन के बावजूद नहीं जुट रही है भीड़

दरअसल, सोशल मीडिया पर कई यूजर्स का कहना है कि सोनम वांगचुक ने जिस मुद्दे को लेकर आंदोलन शुरू किया है, उसका समर्थन बड़ी संख्या में लोग करते है. हालांकि, कुछ लोग उस मंच से सहमत नहीं हैं, जहां से यह आंदोलन चलाया जा रहा है. यही वजह बताई जा रही है कि कुछ लोग आंदोलन के मुद्दे का समर्थन करने के बावजूद वहां पहुंचने से बच रहे है.सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स यह भी दावा कर रहे हैं कि सोनम वांगचुक जिस मंच से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, वहां मौजूद कुछ लोगों के पुराने बयान और गतिविधियां पहले भी विवादों में रही है.कुछ लोग यह आरोप लगा रहे हैं कि मंच से जुड़े कुछ व्यक्तियों के विचारों को लेकर पहले भी विवाद हो चुके है. 

इसी बीच, सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो और पोस्ट भी वायरल हो रहे हैं, जिनके आधार पर कुछ यूजर्स मंच पर लगाए गए नारों और कथित टिप्पणियों को लेकर सवाल उठा रहे है.वहीं, सीजेपी पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर भी सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही है. कुछ लोगों का कहना है कि एक तरफ सोनम वांगचुक देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वहीं दूसरी ओर आंदोलन में पहुंचें समर्थक दिनभर बिरयानी से लेकर कचौड़ी पेट भर खा रहे है.वही सोनम वांगचुक ने भी आंदोलन के समर्थन में पहुंचे लोगों से कुछ घंटों भूखा रहने की अपील की है और कहा है कि आप लोग ठूस-ठूस कर मत खाइए..... हालांकी सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है लेकिन इसकी पुष्टि हम नहीं करते है.

नेक इरादा लेकिन मंच गलत ! 

आपको बता दें कि सोनम वांगचुक लंबे समय से शिक्षा, लद्दाख से जुड़े मुद्दों और पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी आवाज उठाते रहे है.वर्तमान में वह देश की शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे है. सोशल मीडिया पर कुछ लोगों का मानना है कि उनके उठाए गए मुद्दों का व्यापक समर्थन है, लेकिन जिस मंच से आंदोलन चलाया जा रहा है, उसे लेकर कुछ लोग अपनी असहमति जता रहे है.यही वजह बताई जा रही है कि कुछ लोग सोनम वांगचुक का समर्थन करने के बावजूद आंदोलन स्थल पर नहीं पहुंच रहे है. 

स्वास्थ्य खराब होने के कारण नहीं टूटा अनशन

यदि पूरे आंदोलन की समीक्षा की जाए, तो इसे लेकर देश में अलग-अलग राय देखने को मिल रही है.एक वर्ग सोनम वांगचुक द्वारा उठाए गए शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के मुद्दे का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरा वर्ग आंदोलन के मंच और उससे जुड़े लोगों को लेकर सवाल उठा रहा है. ऐसे में सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर लगातार बहस जारी है.इस बीच, लगातार भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक की तबीयत और ख़राब होती जा रही है.