होर्मुज में मौत से पहले आया आखिरी मैसेज, ईरानी हमले में भारतीय मरीन इंजीनियर की गई जान

ईरान-इजरायल तनाव के बीच होर्मुज के पास साइप्रस के झंडे वाले कमर्शियल जहाज पर हुए हमले में भारतीय मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर की मौत हो गई. हमले से पहले उन्होंने परिवार को जहाज के सुरक्षित पार होने का आखिरी संदेश भेजा था.

होर्मुज में मौत से पहले आया आखिरी मैसेज, ईरानी हमले में भारतीय मरीन इंजीनियर की गई जान

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज के पास एक दर्दनाक घटना सामने आई है. ईरानी हमले में साइप्रस के झंडे वाले एक कमर्शियल जहाज पर सवार भारतीय मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर की मौत हो गई. पुणे के रहने वाले हेरंब की मौत की खबर से उनके परिवार में शोक का माहौल है.

हादसे से कुछ समय पहले हेरंब ने अपने परिवार को एक मैसेज भेजा था, जिसमें उन्होंने बताया था कि जहाज ने होर्मुज को सुरक्षित तरीके से पार कर लिया है. परिवार के लिए यह उनका आखिरी संदेश साबित हुआ. किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही समय बाद एक हमले में उनकी जान चली जाएगी.

हेरंब करमरकर मर्चेंट नेवी में मरीन इंजीनियर के पद पर काम कर रहे थे और साइप्रस के झंडे वाले कमर्शियल जहाज GFX Galaxy पर तैनात थे. जहाज जब ओमान के तट के पास होर्मुज क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी उस पर हमला हुआ. हमले के बाद जहाज पर सवार कई लोगों की जानकारी नहीं मिल पाई थी. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जहाज पर मौजूद 10 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि कुछ लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही थी. बाद में हेरंब के परिवार ने उनकी मौत की पुष्टि की.

हेरंब के परिवार ने भारत सरकार से अपील की है कि उनके शव को जल्द से जल्द सुरक्षित भारत लाया जाए. परिवार चाहता है कि उन्हें अपने बेटे और परिवार के सदस्य का अंतिम दर्शन मिल सके. हेरंब के ससुर ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है और शव को सम्मान के साथ घर पहुंचाने की मांग की है.

इस हमले को लेकर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाए जाने पर चिंता जताई है. ओमान स्थित भारतीय दूतावास लगातार ओमानी अधिकारियों, जहाज के प्रबंधन और अन्य संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है और प्रभावित भारतीयों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है.

होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है. यहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई होती है. ऐसे में इस इलाके में बढ़ती सैन्य गतिविधियां पूरी दुनिया के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं. इससे पहले भी होर्मुज के पास जहाजों पर हमले हुए हैं, जिसमें एक भारतीय नाविक की मौत हुई थी. लगातार हो रही इन घटनाओं ने समुद्र में काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. हेरंब करमरकर की मौत ने एक बार फिर दिखाया है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर आम लोगों की जिंदगी पर कितना गहरा पड़ सकता है.