जंतर-मंतर पर आज से सोनम वांगचुक का आमरण अनशन शुरू, कॉकरोच भी दे रहे साथ

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): NEET पेपर लीक को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब और तेज होता दिखाई दे रहा है. इसी कड़ी में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने रविवार सुबह करीब 11 बजे दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन शुरू कर दिया. उन्होंने पहले ही घोषणा की थी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर संतोषजनक जवाब नहीं देती है तो वह 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे. इसके बाद आज उन्होंने अपना अनशन शुरू कर दिया.

पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है. आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और विभिन्न संगठनों के लोग शामिल हो रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में जवाबदेही तय होनी चाहिए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए.

सोनम वांगचुक के आमरण अनशन से इस आंदोलन को नई ऊर्जा मिली है. उनका कहना है कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के लाखों युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था पर भरोसे का सवाल है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाए और आवश्यक कार्रवाई की जाए.

इस बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी एक वीडियो संदेश जारी कर लोगों से बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है. उन्होंने छात्रों, अभिभावकों और आम नागरिकों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन में शामिल होने का आग्रह किया. उनका कहना है कि जितनी अधिक जनभागीदारी होगी, उतनी ही मजबूती से छात्रों की आवाज संबंधित अधिकारियों तक पहुंचेगी.

प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं. पुलिस और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. वहीं प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठाने की बात कह रहे हैं. आंदोलन में शामिल लोग शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष बनाने की मांग कर रहे हैं.

अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार इस आंदोलन और आमरण अनशन पर क्या रुख अपनाती है. यदि आने वाले दिनों में कोई समाधान नहीं निकलता है तो आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है. फिलहाल जंतर-मंतर एक बार फिर छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग का केंद्र बन गया है, जहां प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं.