सोनम वांगचुक ने खत्म की 26 दिनों की भूख हड़ताल, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक CJP का प्रदर्शन रहेगा जारी

सोनम वांगचुक ने खत्म की 26 दिनों की भूख हड़ताल, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक CJP का प्रदर्शन रहेगा जारी

TNP DESK: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चली अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त कर दी है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि वांगचुक का यह फैसला सकारात्मक बातचीत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना करने के बावजूद वांगचुक अपने उद्देश्य पर दृढ़ रहे और उनके इस संघर्ष ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर देशभर का ध्यान खींचा.

हालांकि, दीपके ने स्पष्ट किया कि वांगचुक की भूख हड़ताल समाप्त होने के बाद भी CJP का आंदोलन खत्म नहीं होगा. उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर पार्टी का शांतिपूर्ण धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते. उनका कहना है कि संगठन छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाता रहेगा और आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा.

गौरतलब है कि CJP ने 20 जून से नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया था. संगठन की प्रमुख मांग NEET सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की रही है. आंदोलन के समर्थन में 28 जून को सोनम वांगचुक भी शामिल हुए थे और उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी.

लगातार 26 दिनों तक चले उपवास के दौरान वांगचुक की तबीयत बिगड़ गई थी. उनका वजन काफी कम हो गया था और उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया. इसके बाद उन्होंने मेदांता अस्पताल में अपनी भूख हड़ताल समाप्त की. इस दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह भी वहां मौजूद रहे.

इस बीच CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सरकार और संगठन के बीच बातचीत के लिए एक बैठक तय की गई है. उन्होंने कहा कि संगठन की यह मांग स्वीकार कर ली गई है कि वार्ता किसी निष्पक्ष स्थान पर हो. इसी के तहत कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया को बैठक के लिए चुना गया है. दास ने उम्मीद जताई कि बातचीत के जरिए छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक समाधान निकल सकता है.

वहीं, पार्टी की प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने कहा कि संगठन अपनी सभी प्रमुख मांगों पर पहले की तरह कायम है. उन्होंने बताया कि CJP की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को उचित मुआवजा, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस लेना और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाना शामिल है.