टीएनपी डेस्क (TNP DESK): पति-पत्नी का रिश्ता दुनिया के उन पवित्र रिश्तों में से एक है जहाँ विश्वास और प्यार पर रिश्ते की नीव रखी जाती है. पर उत्तर प्रदेश के आगरा से ऐसा मामला सामने आया है जहाँ ना सिर्फ रिश्तों पर से बल्कि इंसानियत पर से भी लोगों का भरोसा उठ जाएगा. दरअसल, करीब डेढ़ महीने तक एक व्यक्ति लापता रहा और परिवार उसकी तलाश में भटकता रहा. इस दौरान उसकी पत्नी लगातार यही कहती रही कि वह कहीं बाहर गए हैं और जल्द वापस लौट आएंगे. लेकिन जब पुलिस ने गहन जांच की तो जो सच सामने आया, उसने हर किसी को हैरान कर दिया. लापता व्यक्ति का शव उसी घर के बाथरूम की फर्श के नीचे दफन मिला.
मामला आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र स्थित रेणुका धाम कॉलोनी का है. यहां रहने वाले 44 वर्षीय सुरेंद्र शर्मा 18 मई से अचानक लापता हो गए थे. कई दिनों तक उनका कोई पता नहीं चला. परिवार के लोगों ने रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों से संपर्क किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली. इसके बाद 26 मई को उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई. जांच के दौरान सुरेंद्र की पत्नी रूबी शर्मा लगातार यही दावा करती रहीं कि उनके पति किसी काम से बाहर गए हैं और जल्द वापस आ जाएंगे. शुरुआती दिनों में परिवार ने भी इस बात पर भरोसा किया, लेकिन समय बीतने के साथ संदेह गहराने लगा.
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए जो पत्नी के बयानों से मेल नहीं खा रहे थे. दूसरी ओर, मृतक के भाई अनिल शर्मा भी अपने स्तर पर जानकारी जुटा रहे थे. उन्हें भी लगने लगा था कि मामले में कुछ छिपाया जा रहा है. इसी बीच पुलिस एक अन्य मामले के सत्यापन के सिलसिले में दोबारा सुरेंद्र के घर पहुंची. पूछताछ के दौरान अधिकारियों को रूबी शर्मा का व्यवहार असामान्य और संदिग्ध लगा. इसके बाद घर की बारीकी से तलाशी लेने का निर्णय लिया गया.
तलाशी के दौरान पुलिस की नजर बाथरूम की फर्श पर गई. फर्श का निर्माण हाल ही में किया गया प्रतीत हो रहा था, जिससे अधिकारियों को संदेह हुआ. जब फर्श को तोड़ा गया तो उसके नीचे मिट्टी मिली. खुदाई आगे बढ़ने पर गड्ढे से सुरेंद्र शर्मा का शव बरामद हुआ. यह दृश्य देखकर पुलिस टीम के साथ-साथ आसपास मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए. पुलिस का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में आरोपी पत्नी ने बताया कि घटना से पहले ही बाथरूम में मरम्मत और निर्माण कार्य कराने की तैयारी की गई थी. इसके लिए मिस्त्री और मजदूर बुलाए गए थे. जांच एजेंसियों का आरोप है कि हत्या के बाद शव को उसी गड्ढे में दफनाया गया और फिर ऊपर से सीमेंट डालकर नया फर्श बना दिया गया, ताकि किसी को शक न हो और सबूत हमेशा के लिए छिप जाएं.
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हत्या की पूरी कहानी, मौत का वास्तविक कारण और घटनाक्रम की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच तथा अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही की जाएगी. फिलहाल सभी पहलुओं की विस्तार से जांच जारी है. स्थानीय लोगों के अनुसार, सुरेंद्र और रूबी के बीच अक्सर घरेलू विवाद होता था. पड़ोसियों का कहना है कि कई बार दोनों के बीच झगड़े की आवाजें सुनाई देती थीं. कुछ लोगों ने बताया कि शराब के सेवन के बाद विवाद और बढ़ जाता था. कई बार कॉलोनी के लोगों ने दोनों को समझाने की कोशिश भी की, लेकिन हर बार उन्हें यही जवाब मिला कि यह उनका निजी मामला है. धीरे-धीरे लोगों ने हस्तक्षेप करना बंद कर दिया.
मृतक के भाई अनिल शर्मा का कहना है कि उन्हें शुरू से ही संदेह था कि उनके भाई के साथ कुछ अनहोनी हुई है. उन्होंने बैंक खातों और अन्य गतिविधियों की जानकारी जुटाने की कोशिश की और लगातार सवाल पूछते रहे. उनके मुताबिक, जब उन्होंने एक बार फिर अपने भाई के बारे में पूछा तो कथित तौर पर उन्हें बताया गया कि सुरेंद्र घर में ही हैं. जब उन्होंने स्थान पूछा तो जवाब मिला कि उनका शव बाथरूम की फर्श के नीचे दफन है. इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ. अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस कथित हत्या और शव को छिपाने की साजिश में केवल पत्नी शामिल थी या किसी अन्य व्यक्ति ने भी उसकी मदद की. यह भी पता लगाया जा रहा है कि बाथरूम में काम करने वाले मिस्त्री और मजदूरों को वास्तविक स्थिति की जानकारी थी या उन्हें केवल मरम्मत का काम बताया गया था.
फिलहाल आरोपी पत्नी पुलिस हिरासत में है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद हत्या के पीछे की वजह, घटना का क्रम और यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस सनसनीखेज मामले ने पूरे इलाके में दहशत और हैरानी का माहौल पैदा कर दिया है.

