मोहर्रम जुलूस में जहर बाटने वाले का सनसनीखेज खुलासा, चॉकलेट और प्रसाद बता कर बाटा जहरीला कैप्सूल  

मोहर्रम जुलूस में जहर बाटने वाले का सनसनीखेज खुलासा, चॉकलेट और प्रसाद बता कर बाटा जहरीला कैप्सूल

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): मोहर्रम जुलूस में जहर बाटने वाले आरोपी ने सनसनीखेज खुलासा किया है. पुलिस की पूछताछ में उसने कई जानकारी दी है. जिससे जांच की कड़ी को अब पुलिस आगे बढ़ाने में लगी है. आरोपी के मुताबिक उसके निशाने पर 15 हजार लोग थे. जुलूस में शामिल लोगों को मारने की बड़ी साजिश थी. लेकिन पुलिस ने इससे पहले ही खुलासा कर लिया.       

मामला मुंबई के भायखला इलाके का है. जहां बीते शनिवार को मोहर्रम के जुलूस को निशाना बनाकर हजारों लोगों की जान लेने की कथित साजिश रची गई. पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी फैयाज प्रेमजी ने जुलूस में शामिल लोगों को अलग-अलग बहाने से जिंक फॉस्फाइड से भरे कैप्सूल बांटे. आरोपी का दावा है कि उसके निशाने पर करीब 15 हजार लोग थे. समय रहते पुलिस की सतर्कता से एक बड़ी त्रासदी टल गई.

पुलिस पूछताछ में आरोपी फैयाज प्रेमजी ने कथित तौर पर कबूल किया है कि उसने मोहर्रम के जुलूस में शामिल लोगों को अलग-अलग तरीके से झांसा देकर जहरीले कैप्सूल बांटे. बच्चों को उसने इन्हें टॉफी बताया, कुछ लोगों को नियाज़ (प्रसाद) कहकर दिए, जबकि कई लोगों को दर्द की दवा या एंटीबायोटिक बताकर कैप्सूल थमा दिए.

जांच में पता चला है कि इन कैप्सूलों में जिंक फॉस्फाइड जैसा जहरीला पदार्थ भरा गया था.  आरोपी ने कैप्सूल के साथ एक पर्ची भी तैयार की थी, जिसमें लिखा था कि यह दवा 8 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए भी सुरक्षित है. पुलिस के मुताबिक, यह लोगों का भरोसा जीतने और उन्हें कैप्सूल खाने के लिए प्रेरित करने की कथित योजना का हिस्सा था.

सूत्रों के मुताबिक, आरोपी का मकसद जुलूस में शामिल बड़ी संख्या में लोगों को नुकसान पहुंचाना था.  पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस साजिश के पीछे उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था.  शुरुआती जांच में मामला धार्मिक एंगल से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

जुलूस के आयोजक हबीब नासिर ने बताया कि आरोपी लोगों को नियाज़ और विटामिन की गोली बताकर कैप्सूल बांट रहा था. उन्होंने कहा कि अगर मुंबई पुलिस समय रहते कार्रवाई नहीं करती तो बड़ा हादसा हो सकता था. उन्होंने पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की सराहना की.

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी फैयाज प्रेमजी मुंबई के डोंगरी इलाके स्थित सन डोरमेट्री में ठहरा हुआ था. डोरमेट्री के मैनेजर जाकिर हुसैन के अनुसार, फैयाज पिछले वर्ष भी यहां ठहरा था.  इस बार वह अपने साथ एक बोरा लेकर आया था, जिसमें बाद में जहरीले कैप्सूल मिले.  मैनेजर को उस समय इसकी जानकारी नहीं थी.

मुंबई पुलिस ने आरोपी को इसी डोरमेट्री से गिरफ्तार किया.  गिरफ्तारी के समय वह सो रहा था.  पुलिस ने उसके कब्जे से कैप्सूल बरामद किए और अब उसके नेटवर्क, संभावित सहयोगियों, कैप्सूल के स्रोत और पूरी साजिश की जांच की जा रही है.

फिलहाल मुंबई पुलिस इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है.  पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने यह जहरीला पदार्थ कहां से हासिल किया, क्या वह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था और इस कथित साजिश के पीछे उसका असली मकसद क्या था. शुरुआती जांच में यह साफ है कि पुलिस की समय पर कार्रवाई से एक बड़ी जनहानि टल गई.