1 October Rules Change: आज से बदल गए ये नियम, जानिए आपकी जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर कितना पड़ेगा असर
हर महीने की पहली तारीख को कई नियमों में बदलाव होते हैं. इसी कड़ी में आज यानी 1 अक्टूबर से भी कई अहम नियमों में बदलाव किया गया है. इन बदलावों का सीधा असर आम आदमी की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है.
TNP DESK: हर महीने की पहली तारीख को कई नियमों में बदलाव होते हैं. इसी कड़ी में आज यानी 1 अक्टूबर से भी कई अहम नियमों में बदलाव किया गया है. इन बदलावों का सीधा असर आम आदमी की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है. एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग से लेकर बैंकिंग और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने तक के नियमों में बदलाव किए गए हैं. आइए जानते हैं कि आज से कौन-कौन से नियम बदल गए हैं और इनका आप पर क्या असर पड़ेगा.
1. LPG सिलेंडर की बुकिंग के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन जरूरी
1 अक्टूबर से सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग और सब्सिडी से जुड़ी प्रक्रिया में बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन की जरूरत होगी. जिन ग्राहकों ने पहले ही अपना बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन पूरा कर लिया है, उन्हें दोबारा यह प्रक्रिया कराने की जरूरत नहीं होगी. वहीं जिन ग्राहकों ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है उन्हें सिलेंडर की सब्सिडी से जुड़ी सुविधा का लाभ लेने के लिए इसे पूरा करना पड़ सकता है.
2. कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी
अक्टूबर महीने की शुरुआत के साथ ही कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक कमर्शियल सिलेंडर के दाम में करीब 60 से 71 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. इससे होटल और रेस्टोरेंट में खाना महंगा होने की आशंका है.
3. बल्क डिपॉजिट के नियमों में बदलाव
1 अक्टूबर से बैंकिंग नियमों में भी बदलाव किया गया है. अब 3 करोड़ रुपये से अधिक के बल्क डिपॉजिट पर बैंकों को ब्याज दरों की जानकारी अपनी वेबसाइट पर रोजाना अपडेट करनी होगी. इस बदलाव का असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है जो बैंकों में बड़ी रकम की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करते हैं. इससे उन्हें अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों की जानकारी आसानी से मिल सकेगी.
4. SBI ATM से पैसे निकालना हुआ महंगा
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहकों के लिए भी 1 अक्टूबर से एटीएम से पैसे निकालने के नियमों में बदलाव किया गया है. कुछ खातों में दूसरे बैंकों के एटीएम से मिलने वाली मुफ्त निकासी की सीमा में बदलाव हुआ है. ऐसे में निर्धारित मुफ्त सीमा से अधिक बार पैसे निकालने पर ग्राहकों को अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है.
5. जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के नियम बदले
जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के नियमों में भी बदलाव की जानकारी सामने आई है. दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद जन्म या मृत्यु का पंजीकरण कराने के लिए प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के आदेश की जरूरत होगी. ऐसे में देरी से जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने वाले लोगों को अतिरिक्त कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है.