टीएनपी डेस्क (TNP DESK): जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिले में भारी बारिश के बाद हालात बेहद खराब हो गए हैं. रात करीब एक बजे शुरू हुई तेज बारिश के बाद कई इलाकों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं. इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं और कुछ लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है.
लगातार बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया, जिससे कई गांवों और निचले इलाकों में पानी भर गया. प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है.
राजौरी में बाढ़ ने मचाई भारी तबाही
राजौरी की दरहाली नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद बेला कॉलोनी में पानी घुस गया. देखते ही देखते पूरा इलाका जलमग्न हो गया. बेला बस स्टैंड पर खड़ी कई गाड़ियां पानी के तेज बहाव में बह गईं.
कई घरों में पानी भर गया और लोग घंटों तक फंसे रहे. इसके अलावा थन्ना मंडी सब-डिविजन के चुरुंग, राजधानी और बेहरोट इलाके भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. बेहरोट में एक क्रशर यूनिट में काम करने वाले कुछ मजदूरों के फंसे होने की सूचना मिली है.
मंजाकोट तहसील के कोटली कलाबन और गोलिनारी इलाके में बादल फटने की घटना भी सामने आई, जिसके बाद अचानक आई बाढ़ से कई जगहों पर भारी नुकसान हुआ.

पुंछ में भूस्खलन से गई लोगों की जान
पुंछ जिले में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की घटनाएं हुईं. सबसे ज्यादा असर सुरनकोट तहसील में देखने को मिला. यहां कई परिवार प्रभावित हुए हैं और बचाव दल लगातार लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटे हैं.
नूनाबंदी गांव में घर गिरने से 28 वर्षीय नाजिया कौसर की मौत हो गई. वहीं लोअर मुराह इलाके में भूस्खलन के बाद एक परिवार के कई सदस्य लापता हो गए. प्रशासन ने खोज और बचाव अभियान तेज कर दिया है.
बाढ़ में जान गंवाने वालों की सूची
जम्मू-कश्मीर में आई इस प्राकृतिक आपदा में अब तक जिन 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, उनमें शामिल हैं.
1. नूर सफिया, पत्नी मोहम्मद लतीफ, उम्र 59 साल.
2. सज्जाद अहमद, पुत्र मोहम्मद लतीफ, उम्र 16 साल.
3. हकनवाज अहमद, पुत्र मोहम्मद लतीफ, उम्र 10 साल.
4. शाहनवाज अहमद, पुत्र मोहम्मद लतीफ, उम्र 10 साल.
5. खालिदा कौसर, पत्नी यासर इकबाल, उम्र 25 साल.
6. सोफियान, पुत्र यासर इकबाल, उम्र 2 साल.
7. बानो बी, पत्नी मोहम्मद हुसैन, उम्र 60 साल.
8. मोहम्मद अकरम, पुत्र मोहम्मद लियाकत, उम्र 7 साल.
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दिए मदद के निर्देश
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हादसे पर दुख जताया है. उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द हर संभव सहायता पहुंचाई जाए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह खुद स्थिति का जायजा लेने के लिए जम्मू पहुंचकर हालात की निगरानी करेंगे.

अमित शाह ने ली स्थिति की जानकारी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से बात कर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली. उन्होंने प्रभावित लोगों की मदद और राहत कार्यों के लिए केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिया.
वैष्णो देवी यात्रा भी रोकी गई
खराब मौसम और लगातार बारिश के कारण माता वैष्णो देवी यात्रा को भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है. बारिश के कारण बैटरी कार मार्ग और भैरव घाटी रास्ते पर मलबा और पत्थर गिरने की घटनाएं हुई हैं.
हेलीकॉप्टर सेवा, घोड़ा-पिट्ठू और पालकी सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं. कटरा में करीब 15 हजार श्रद्धालु यात्रा दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं.
