TNP DESK: NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है. परीक्षा की निष्पक्षता पर उठे सवालों के बीच अब यह मामला केवल अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई सामाजिक कार्यकर्ता भी उनके समर्थन में सामने आ रहे हैं. इसी क्रम में वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हज़ारे ने महाराष्ट्र के रालेगण सिद्धि, अहिल्यानगर में छात्रों के समर्थन में मौन आंदोलन शुरू किया है. उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराते हुए परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
अन्ना हज़ारे ने कहा कि देश के लाखों छात्र वर्षों तक मेहनत करके डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं. यदि परीक्षा में गड़बड़ी या पेपर लीक जैसी घटनाएं होती हैं तो सबसे बड़ा नुकसान उन छात्रों का होता है, जिन्होंने पूरी ईमानदारी से तैयारी की है. उनका कहना है कि युवाओं का शिक्षा व्यवस्था से भरोसा टूटना देश के भविष्य के लिए ठीक नहीं है. इसलिए दोषियों पर सख्त कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जानी चाहिए.
दूसरी ओर, राजधानी दिल्ली में भी NEET पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन लगातार जारी है. Cockroach Justice Party (CJP) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और छात्रों के हितों की रक्षा की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि जब तक पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
इस आंदोलन को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिला है. वह CJP के मंच से छात्रों के साथ खड़े नजर आए और उन्होंने कहा कि किसी भी देश की शिक्षा व्यवस्था का आधार विश्वास होता है. अगर मेहनत करने वाले छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा तो इससे आने वाली पीढ़ियों का मनोबल प्रभावित होगा. उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनने और जल्द उचित कदम उठाने की अपील की.
दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं और उनका कहना है कि उनका उद्देश्य केवल परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है. अभ्यर्थियों का मानना है कि भविष्य में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में इस तरह की अनियमितताओं को रोकने के लिए ठोस सुधार जरूरी हैं.
महाराष्ट्र में अन्ना हज़ारे का मौन आंदोलन और दिल्ली में CJP के नेतृत्व में चल रहा विरोध प्रदर्शन यह दिखाता है कि NEET पेपर लीक का मुद्दा अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है. देशभर के छात्र निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और ऐसी परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, जिससे मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का भरोसा दोबारा मजबूत हो सके. अब सभी की नजर सरकार और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है.

