कोयला अधिकारियों को बड़ा झटका,इन अधिकारियों को अब क्यों नहीं मिलेगा पीआरपी, पहले क्या था नियम 

कोयला अधिकारियों को बड़ा झटका,इन अधिकारियों को अब क्यों नहीं मिलेगा पीआरपी, पहले क्या था नियम

टीएनपी डेस्क: कोल् इंडिया की एक पत्र से कोयला अधिकारियों को बड़ा झटका लगा है. अब उन्हें बड़ा  आर्थिक नुकसान  हो सकता है.  कोल इंडिया बोर्ड की 27 जुलाई को हुई बैठक के निर्णय से यह झटका लगा बताया गया है.  बड़ा निर्णय लिया गया है कि कोयला अधिकारियों को विजिलेंस या अनुपस्थिति से संबंधित सेंसर पर अब परफॉर्मेंस रिलेटेड पे (पीआरपी )  नहीं मिलेगा। 

 पहले के नियम के अनुसार सेंसर वाले अधिकारियों को 75% तक पीआरपी  का भुगतान किया जाता था.  अब तक इस मामले को पेनल्टी माना जाता था.  लेकिन अब यह कोयला अफसरो  को बड़ा आर्थिक झटका देगा।  कोल इंडिया और इसकी सहायक कंपनियों के कई अधिकारी सेंसर के दायरे में हैं.  सूत्र बताते हैं कि इससे सम्बंधित  आदेश कोल इंडिया की ओर से निर्गत कर दिया गया है.  सूत्र बताते हैं कि सेंसर की स्थिति में 75% पी आरपी भुगतान के खिलाफ विजिलेंस की ओर से सवाल उठाए गए थे.  

इसके बाद कोल इंडिया की बैठक में इसे संशोधित किया गया है.  कोल इंडिया के अधिकारियों को 12 से 15 लाख तक पी आरपी मिलता है.  अब सेंसर की स्थिति में उन्हें भुगतान नहीं मिलेगा।  यह कोयला अधिकारियों के लिए बड़ा झटका कहा जा रहा है.  सूत्र बता रहे हैं कि कोयला अधिकारियों पर सेंसर के सैकड़ो मामले हैं और यह मामले कोल इंडिया की सभी अनुषंगी  इकाइयों के अधिकारियों पर है.  पत्र जारी होने के बाद कोल इंडिया के अधिकारियों का संगठन का अगला कदम क्या होता है, यह देखने वाली बात होगी।