दिल्ली से बड़ी खबर, बहुमंजिला इमारत भरभराकर कर गिरी, PG हास्टल के बच्चे सहित 2 दर्जन लोग दबे
दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार दोपहर पांच मंजिला इमारत गिरने से एक छात्र की मौत हो गई और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं. मलबे में 30 से 40 छात्रों के फंसे होने की आशंका है. राहत और बचाव अभियान जारी है.
टिएनपी डेस्क (TNP DESK): दिल्ली से रविवार को बड़ी खबर सामने आई है. सत्य निकेतन इलाके में एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई. इमारत में PG हॉस्टल चल रहा था. हादसे के वक्त कई छात्र बिल्डिंग के अंदर मौजूद बताए जा रहे हैं. शुरुआती जानकारी में छात्रों समेत करीब दो दर्जन लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है. हादसे में एक छात्र की मौत की सूचना है, जबकि कई लोगों के घायल होने की बात सामने आई है.
इमारत गिरते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. आसपास मौजूद लोग तुरंत घटनास्थल की तरफ दौड़े और मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश शुरू की. हादसे की सूचना मिलने के बाद बचाव टीमें भी मौके पर पहुंचीं और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया.
PG हॉस्टल में मौजूद थे छात्र
हादसा रविवार दोपहर करीब 1.30 बजे हुआ. पांच मंजिला इमारत का इस्तेमाल PG हॉस्टल के रूप में किया जा रहा था. हादसे के समय छात्र अपने कमरों में मौजूद थे. बिल्डिंग अचानक गिरने के कारण उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका.
मलबे में कितने लोग फंसे हैं, इसकी आधिकारिक संख्या अभी सामने नहीं आई है. शुरुआती जानकारी में करीब दो दर्जन लोगों के दबे होने की आशंका है. बचाव दल फंसे लोगों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में जुटे हैं.
बेसमेंट में चल रही थी खुदाई
हादसे के वक्त बिल्डिंग के बेसमेंट में खुदाई का काम चल रहा था. आशंका जताई जा रही है कि खुदाई के दौरान इमारत का स्ट्रक्चर कमजोर होने से यह हादसा हुआ हो सकता है.
हालांकि बिल्डिंग गिरने की असली वजह की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. जांच के बाद ही साफ होगा कि बेसमेंट में चल रही खुदाई हादसे की वजह बनी या इमारत गिरने के पीछे कोई दूसरी वजह थी.

फोन कर मदद मांग रहे मलबे में फंसे लोग
हादसे के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक, मलबे में फंसे कुछ लोग अपने परिचितों से फोन पर संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे. घटनास्थल पर मौजूद एक युवक ने बताया कि उसका दोस्त मलबे में दबा हुआ था और फोन करके उसे बचाने के लिए कह रहा था.
स्थानीय लोगों ने भी शुरुआती समय में हथौड़े और दूसरे औजारों की मदद से मलबा हटाने की कोशिश की. इमारत के मलबे में कुछ वाहन भी दब गए हैं.
आसपास की इमारतों को लेकर भी सतर्कता
हादसे के बाद पास की एक अन्य इमारत को भी खतरा बताया गया. एहतियात के तौर पर वहां मौजूद लोगों को बाहर निकाल लिया गया है.
सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास का प्रमुख छात्र इलाका है. यहां बड़ी संख्या में छात्र PG और हॉस्टल में रहते हैं. ऐसे में इस हादसे ने इलाके में रहने वाले छात्रों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है. फिलहाल बचाव अभियान जारी है और प्रशासन की ओर से मलबे में फंसे लोगों की सही संख्या की पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है.