टीईटी पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई, मास्टरमाइंड बृजेंद्र गुप्ता पटना से गिरफ्तार

टीईटी पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई, मास्टरमाइंड बृजेंद्र गुप्ता पटना से गिरफ्तार

TNP DESK: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पेपर लीक प्रकरण में भिवंडी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. लंबे समय से फरार चल रहे मामले के कथित मास्टरमाइंड बृजेंद्र गुप्ता को बिहार की राजधानी पटना से गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस के अनुसार, आरोपी पेपर लीक से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का संचालन कर रहा था और उसी के माध्यम से परीक्षा के प्रश्नपत्र को अवैध रूप से बाहर पहुंचाने की साजिश रची गई थी. उसकी गिरफ्तारी को जांच में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि अब जांच एजेंसियों को पूरे रैकेट से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, भिवंडी के कोनगांव पुलिस स्टेशन में इस मामले का केस दर्ज होने के बाद से ही बृजेंद्र गुप्ता फरार था. उसकी तलाश के लिए विशेष जांच टीम का गठन किया गया था. पिछले करीब एक महीने से पुलिस की टीम लगातार अलग-अलग राज्यों में उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी. इस दौरान तकनीकी निगरानी, मोबाइल लोकेशन, खुफिया इनपुट और स्थानीय पुलिस इकाइयों की मदद से आरोपी तक पहुंचने की कोशिश जारी रही. कई संभावित ठिकानों पर दबिश देने के बाद पुलिस को सूचना मिली कि वह बिहार के पटना में छिपा हुआ है.

सूचना की पुष्टि होने के बाद भिवंडी पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की. स्थानीय एजेंसियों के सहयोग से पटना में विशेष अभियान चलाया गया और आखिरकार बृजेंद्र गुप्ता को उसके एक सहयोगी के साथ गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को हवाई मार्ग से पुणे लाया गया. वहां आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें आगे की पूछताछ के लिए भिवंडी ले जाया जा रहा है. पुलिस का मानना है कि मुख्य आरोपी से पूछताछ के दौरान पेपर लीक की पूरी साजिश, इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका और नेटवर्क के संचालन से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं.

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस गिरोह का नेटवर्क केवल महाराष्ट्र तक सीमित था या फिर इसका संबंध अन्य राज्यों से भी था. इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि क्या इसी सिंडिकेट ने पहले आयोजित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी किसी प्रकार की भूमिका निभाई थी. अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से मिलने वाली जानकारी के आधार पर कई और लोगों की गिरफ्तारी संभव है. पुलिस बिचौलियों, आर्थिक लेनदेन और प्रश्नपत्र लीक की पूरी प्रक्रिया की भी गहन जांच कर रही है.

हालांकि 28 जून को आयोजित होने वाली महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा को पेपर लीक की आशंका के चलते रद्द करना पड़ा था. इससे एक दिन पहले, यानी 27 जून को, भिवंडी पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही बाहर पहुंच चुका है. सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और राजीव कुमार, आकाश कुमार तथा धीरज कुमार को गिरफ्तार किया. जांच के दौरान पता चला कि तीनों आरोपी दिल्ली से ठाणे पहुंचे थे. उनके कब्जे से टीईटी परीक्षा से संबंधित प्रश्नों का सेट भी बरामद किया गया था, जिसके बाद पेपर लीक की पुष्टि हुई और मामले की जांच का दायरा लगातार बढ़ता गया.

इस प्रकरण में अब तक कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. हालांकि, पुलिस की नजर शुरू से ही उस व्यक्ति पर थी जिसे इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक माना जा रहा था. बृजेंद्र गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. भिवंडी पुलिस का कहना है कि अब मुख्य आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर पूरे पेपर लीक सिंडिकेट का खुलासा किया जाएगा. साथ ही इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों, सहयोगियों और लाभार्थियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस लगातार नए साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है.