सोनम वांगचुक की एंट्री से फिर गरमाया लद्दाख मुद्दा, केंद्र के सामने रखी गईं अहम मांगें

सोनम वांगचुक की एंट्री से फिर गरमाया लद्दाख मुद्दा, केंद्र के सामने रखी गईं अहम मांगें

टीएनपी डेस्क: लद्दाख में लंबे समय से चल रही राजनीतिक और संवैधानिक मांगों को लेकर एक बार फिर हलचल बढ़ गई है. लद्दाख के प्रतिनिधियों ने गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक कर क्षेत्र की कई प्रमुख मांगें केंद्र सरकार के सामने रखीं. प्रतिनिधियों ने इन मांगों को बेहद जरूरी बताते हुए कहा कि इन पर समझौता नहीं किया जा सकता.

लेह में हुई इस बैठक में लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के प्रतिनिधियों के साथ गृह मंत्रालय के अधिकारी मौजूद रहे. बैठक में लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा जान, सज्जाद करगिली, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और चेरिंग दोरजे समेत कई प्रतिनिधि शामिल हुए.

निर्वाचित विधानसभा की मांग

लद्दाख के प्रतिनिधियों की सबसे प्रमुख मांग एक सीधे चुनी जाने वाली विधानसभा को लेकर है. उनका कहना है कि क्षेत्र के लोगों को अपने प्रशासन और नीतियों से जुड़े फैसलों में ज्यादा अधिकार मिलना चाहिए.

प्रतिनिधियों ने विधानसभा को बजट, टैक्स, सरकारी खर्च और सार्वजनिक धन से जुड़े मामलों में पर्याप्त वित्तीय अधिकार देने की मांग की है. साथ ही संवैधानिक सुरक्षा वाले कंसोलिडेटेड फंड और कंटीजेंसी फंड की व्यवस्था की मांग भी रखी गई.

अलग लोक सेवा आयोग और सेवाएं

बैठक में लद्दाख के लिए अलग लोक सेवा आयोग बनाने की मांग भी उठाई गई. इसके साथ ही लद्दाख प्रशासनिक सेवा और लद्दाख पुलिस सेवा शुरू करने की बात कही गई.

प्रतिनिधियों का कहना है कि लद्दाख की भौगोलिक स्थिति और स्थानीय जरूरतें दूसरे क्षेत्रों से अलग हैं. इसलिए प्रशासन और सरकारी सेवाओं में स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से व्यवस्था होनी चाहिए.

2025 की पुलिस फायरिंग का मुद्दा

बैठक में 24 सितंबर 2025 की पुलिस फायरिंग का मामला भी उठाया गया. प्रतिनिधियों ने घटना में जान गंवाने वाले लोगों के लिए न्याय और सम्मानजनक मुआवजे की मांग की.

इसके अलावा घायलों और दूसरे प्रभावित लोगों को उचित सहायता देने की बात कही गई. प्रतिनिधियों ने इस घटना से जुड़े मामलों को वापस लेने की मांग भी गृह मंत्रालय के सामने रखी.

जमीन और स्थानीय हितों की सुरक्षा

लद्दाख के प्रतिनिधियों ने कहा कि स्थायी संवैधानिक समाधान मिलने तक क्षेत्र के जमीन, रोजगार, अर्थव्यवस्था और जनसांख्यिकीय हितों की सुरक्षा जरूरी है.

उन्होंने अंतरिम सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की है. उनका कहना है कि जब तक निर्वाचित विधानसभा पूरी तरह काम नहीं करने लगती, तब तक स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा के लिए विशेष प्रावधान होने चाहिए.

कारोबार में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता

प्रतिनिधियों ने कारोबार और ट्रेड लाइसेंस को लेकर भी मांग रखी. उनका कहना है कि व्यावसायिक गतिविधियों के लिए लद्दाख रेजिडेंस सर्टिफिकेट यानी LRC को जरूरी बनाया जाए.

उनकी मांग है कि कारोबार के पंजीकरण, नए व्यापार और ट्रेड लाइसेंस के लिए स्थानीय निवास प्रमाण को आधार बनाया जाए. साथ ही अनुसूचित जनजातियों को मिलने वाले आरक्षण और दूसरे लाभों के लिए लद्दाख-विशिष्ट प्रमाणन की व्यवस्था की मांग की गई.

फिर चर्चा में सोनम वांगचुक

सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख के संवैधानिक और राजनीतिक अधिकारों की मांग को लेकर सक्रिय रहे हैं. आंदोलन के पिछले दौर में भी उन्होंने केंद्र से बातचीत और समाधान की मांग उठाई थी.

अब गृह मंत्रालय के साथ हुई बैठक में उनकी मौजूदगी से एक बार फिर लद्दाख की मांगों को लेकर चर्चा तेज हो गई है. प्रतिनिधियों ने संकेत दिया है कि वे अपनी प्रमुख मांगों पर पीछे हटने के बजाय बातचीत के जरिए केंद्र से समाधान चाहते हैं.