भारत के 5 सबसे महंगे गणेश पंडाल, कहीं 703 करोड़ का बीमा तो कहीं करोड़ों में चढ़ावा
अनंत चतुर्दशी के साथ गणेशोत्सव का समापन हो रहा है. देश के कई प्रसिद्ध गणपति मंडल अपनी भव्यता, सोने-चांदी के आभूषणों, करोड़ों के बीमा कवर और भारी चढ़ावे के लिए जाने जाते हैं. मुंबई के GSB सेवा मंडल ने 2026 में 703.27 करोड़ रुपये से ज्यादा का बीमा कवर लिया, जबकि बप्पा को 66 किलो से ज्यादा सोने और करीब 335 किलो चांदी के आभूषणों से सजाया गया.
टीएनपी डेस्क(TNP DESK): आज अनंत चतुर्दशी है और आज बप्पा का देशभर में विसर्जन कर दिया जाएगा. लेकिन क्या आपको पता है कि भारत के कौन से 5 सबसे महंगे गणेश पूजा पंडाल हैं? इनमें से किसी पंडाल का बीमा 700 करोड़ रुपये से ज्यादा का है, तो कहीं बप्पा को कई किलो सोने-चांदी से सजाया जाता है. वहीं कुछ गणपति ऐसे भी हैं, जहां भक्त कुछ ही दिनों में करोड़ों रुपये का चढ़ावा चढ़ा देते हैं.
25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के साथ 10 दिनों तक चले गणेशोत्सव का समापन हो रहा है और बड़ी संख्या में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा है.
GSB सेवा मंडल- 703 करोड़ रुपये से ज्यादा का बीमा
मुंबई के किंग्स सर्किल स्थित GSB सेवा मंडल के महागणपति को देश के सबसे अमीर गणपति में गिना जाता है. 2026 में मंडल ने गणेशोत्सव के लिए 703.27 करोड़ रुपये का बीमा कवर लिया है. यह रकम पंडाल बनाने का खर्च नहीं, बल्कि अलग-अलग तरह की बीमा पॉलिसियों का कुल कवर है.
इस बार बप्पा को 66 किलो से ज्यादा सोने और करीब 335 किलो चांदी के आभूषणों से सजाया गया. इसके अलावा कीमती रत्न भी लगाए गए हैं. बीमा में आभूषणों के साथ पंडाल, भक्तों, पुजारियों, कर्मचारियों और वॉलंटियर्स से जुड़े जोखिम भी शामिल हैं.

लालबागचा राजा- पांच दिन में 3 करोड़ से ज्यादा कैश
मुंबई के लालबागचा राजा की पहचान केवल भव्य पंडाल से नहीं, बल्कि यहां आने वाले भारी चढ़ावे से भी है. 2026 के गणेशोत्सव के शुरुआती पांच दिनों में ही करीब 3.1 करोड़ रुपये कैश, 1.12 किलो सोना और 19.75 किलो चांदी चढ़ावे में आ चुकी थी.
सिर्फ शुरुआती तीन दिनों में कैश, सोने और चांदी को मिलाकर चढ़ावे की कीमत करीब 3.18 करोड़ रुपये बताई गई थी. इसमें सोने की चेन और कंगन से लेकर चांदी की खास वस्तुएं तक शामिल थीं.

अंधेरीचा राजा- बीमा भी करोड़ों में
मुंबई का अंधेरीचा राजा भी शहर के सबसे बड़े गणेश पंडालों में शामिल है. 2025 में इसके लिए करीब 12 करोड़ रुपये का बीमा कवर लिया गया था. यह बीमा आभूषणों की चोरी, आग और पंडाल में मौजूद कर्मचारियों व भक्तों से जुड़े जोखिमों को कवर करता था. 2026 की बीमा राशि का विश्वसनीय सार्वजनिक आंकड़ा फिलहाल उपलब्ध नहीं है.

मुंबईचा राजा, गणेश गली
लालबाग के गणेश गली का मुंबईचा राजा भी अपने बड़े और आकर्षक पंडाल के लिए मशहूर है. यह मुंबई के पुराने सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों में शामिल है. 2025 में मंडल ने करीब 8.5 करोड़ रुपये का बीमा कराया था. इसमें वॉलंटियर्स, आभूषणों की चोरी और पंडाल की सुरक्षा जैसे जोखिम शामिल थे.

चिंचपोकलीचा चिंतामणि
मुंबई का चिंचपोकलीचा चिंतामणि भी प्रसिद्ध गणपति मंडलों में गिना जाता है. यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मंडल भक्तों से मिलने वाले दान का इस्तेमाल सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों में भी करता है. हालांकि 2026 में पंडाल पर कुल कितना खर्च हुआ, कितना बीमा कराया गया और कुल कितना चढ़ावा आया, इसका सत्यापित सार्वजनिक आंकड़ा अभी उपलब्ध नहीं है.

703 करोड़ का मतलब पंडाल पर 703 करोड़ खर्च नहीं
इन आंकड़ों में एक बात समझना जरूरी है. बीमा की रकम और पंडाल बनाने का खर्च एक चीज नहीं हैं. उदाहरण के लिए GSB सेवा मंडल का 703.27 करोड़ रुपये का आंकड़ा कुल इंश्योरेंस कवर है. इसमें सोना-चांदी ही नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा, पब्लिक लायबिलिटी और दूसरी संपत्तियों से जुड़े जोखिम भी शामिल हैं.
यही वजह है कि गणेशोत्सव की भव्यता केवल सजावट पर खर्च होने वाले पैसों से नहीं मापी जा सकती. कहीं कई किलो सोना-चांदी बप्पा की शोभा बढ़ाता है, तो कहीं करोड़ों का चढ़ावा और लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ इन गणपति मंडलों को देशभर में खास बनाती है.