TNP DESK: केंद्र सरकार ने ई-रिक्शा चालकों की सुरक्षा और सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए BAT BMS और Epoch Li-ion नामक दो मोबाइल एप्लिकेशन को एंड्रॉयड प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से हटाने का निर्देश दिया है. इन ऐप्स के जरिए पूरे देश में चल रहे ई-रिक्शा की बैटरियों को दूर से बंद किए जाने की शिकायतें सामने आई थीं.ये दोनों ऐप मूल रूप से लिथियम-आयन बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) के संचालन के लिए बनाए गए थे. ब्लूटूथ के माध्यम से बैटरी से कनेक्ट होकर ये बैटरी की स्थिति की निगरानी करते हैं. हालांकि, इनकी कुछ कंट्रोल सुविधाओं का गलत इस्तेमाल करते हुए शरारती लोग चलते हुए ई-रिक्शा को अचानक बंद कर रहे थे.
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन ने पुष्टि की कि जैसे ही यह मामला सरकार के संज्ञान में आया, दोनों ऐप्स को ऐप स्टोर्स से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई. उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में भी ऐसे किसी भी एप्लिकेशन पर नजर रखेगी, जिनका दुरुपयोग सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है.कुछ लोग अपने मोबाइल में इन ऐप्स को खोलकर ब्लूटूथ के जरिए आसपास मौजूद ई-रिक्शा की बैटरी से कनेक्ट हो जाते थे. इसके बाद केवल एक बटन दबाकर बैटरी का डिस्चार्ज स्विच सक्रिय कर देते थे, जिससे वाहन तुरंत बंद हो जाता था. चालक को यह समझ ही नहीं आता था कि अचानक रिक्शा क्यों रुक गया.
सबसे बड़ी समस्या यह थी कि वाहन दोबारा तभी चालू हो सकता था, जब उसी ऐप के जरिए बैटरी को फिर से सक्रिय किया जाए. जिन चालकों के पास स्मार्टफोन नहीं था या जिन्हें तकनीकी जानकारी नहीं थी, उन्हें घंटों परेशान होना पड़ता था.
दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह ऐप बैटरी की वोल्टेज, तापमान और करंट जैसी जानकारियां देखने के लिए बनाया गया था. लेकिन कई बैटरी सिस्टम में पासवर्ड या किसी प्रकार का ऑथेंटिकेशन नहीं होने के कारण कोई भी व्यक्ति आसानी से ब्लूटूथ के जरिए कनेक्ट होकर बैटरी की पावर सप्लाई बंद कर सकता था.अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण इस तकनीक का गलत इस्तेमाल संभव हो गया, जिससे ई-रिक्शा चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

