दिल्ली जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट में हाईजैक अलर्ट, जयपुर में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग

फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की एक इंटरनेशनल फ्लाइट को बुधवार सुबह अचानक जयपुर में उतारना पड़ा. विमान से हाईजैक से जुड़ा इमरजेंसी सिग्नल मिलने की जानकारी सामने आने के बाद एयरपोर्ट से लेकर सुरक्षा एजेंसियों तक सतर्कता बढ़ा दी गई.

दिल्ली जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट में हाईजैक अलर्ट, जयपुर में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की एक इंटरनेशनल फ्लाइट को बुधवार सुबह अचानक जयपुर में उतारना पड़ा. विमान से हाईजैक से जुड़ा इमरजेंसी सिग्नल मिलने की जानकारी सामने आने के बाद एयरपोर्ट से लेकर सुरक्षा एजेंसियों तक सतर्कता बढ़ा दी गई. इसके बाद विमान का रास्ता बदलकर उसे जयपुर भेजा गया. हालांकि, विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद शुरुआती जांच में सब कुछ सामान्य पाया गया है. फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि विमान से हाईजैक अलर्ट का सिग्नल क्यों मिला था.

अहमदाबाद ATC को मिला इमरजेंसी सिग्नल

एअर इंडिया की फ्लाइट AI-2030 बुधवार सुबह फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही थी. इसी दौरान सुबह करीब 9 बजे अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को विमान से कुछ सेकंड के लिए इमरजेंसी सिग्नल मिला. विमान के पायलट ने कुछ समय के लिए स्क्वाक-7500 कोड घोषित किया था.

एविएशन में स्क्वाक-7500 कोड का इस्तेमाल विमान के हाईजैक होने की स्थिति में किया जाता है. ऐसे में सिग्नल मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं. किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेने के लिए विमान को दिल्ली ले जाने के बजाय जयपुर में उतारने का फैसला किया गया.

सुबह 9:35 बजे जयपुर में उतरा विमान

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुबह करीब 9:10 बजे दिल्ली के वॉर रूम से विमान का रास्ता बदलने का फैसला लिया गया. इसके बाद फ्लाइट को जयपुर एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया. सुबह करीब 9:35 बजे विमान ने जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की.

लैंडिंग के करीब 10 मिनट बाद, यानी सुबह 9:45 बजे विमान को आइसोलेशन बे में ले जाया गया. एयरपोर्ट पर इस जगह का इस्तेमाल आपात स्थिति में विमानों को अलग खड़ा कर उनकी सुरक्षा जांच करने के लिए किया जाता है. यहां संबंधित एजेंसियों ने विमान की जांच की.

आगे की जांच जारी

शुरुआती जांच में विमान से जुड़ी परिचालन स्थितियां सामान्य पाई गईं. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब विमान में सब कुछ सामान्य था, तो हाईजैक से जुड़ा अलर्ट कैसे जारी हुआ. क्या यह तकनीकी गड़बड़ी थी या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है.

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वजह साफ हो पाएगी. फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर विमान के हाईजैक होने की पुष्टि नहीं हुई है.