दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, कई इलाकों में रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में मूसलाधार बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है. लगातार हो रही बारिश की वजह से राजधानी दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम के कई प्रमुख रास्तों और निचले इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

बारिश के कारण कई जगहों पर मकानों के गिरने और सड़कों के धंसने की घटनाएं भी सामने आई हैं. प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश का यह सिलसिला जारी रहने की संभावना है.
भारत ने अरुणाचल प्रदेश के स्थानों के नाम बदलने पर चीन को दिया करारा जवाब
चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न स्थानों के नाम बदले जाने की कोशिशों पर भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा. भारत ने साफ किया कि नाम बदलने जैसे मनगढंत कदमों से इस जमीनी सच्चाई को नहीं बदला जा सकता.

सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भारत लगातार काम कर रहा है और देश की संप्रभुता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. वैश्विक समुदाय ने भी भारत के इस रुख का समर्थन किया है.
टेक कंपनी Meta को भारत सरकार की सख्त चेतावनी, डीपफेक और भ्रामक जानकारी पर रोक के निर्देश
भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सोशल मीडिया दिग्गज कंपनी Meta से प्लेटफॉर्म पर फैलने वाले फेक न्यूज और डीपफेक कंटेंट पर रोक लगाने के लिए ठोस रोडमैप मांगा है. सरकार के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में Meta ने स्वीकार किया कि उसके सिस्टम और एल्गोरिदम में कुछ कमियां हैं, जिन्हें सुधारने की प्रक्रिया जारी है.

सरकार ने कंपनी से तुरंत प्रतिक्रिया देने वाली एक क्विक रिस्पॉन्स टीम बनाने को कहा है ताकि चुनावों और संवेदनशील मुद्दों के दौरान सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोका जा सके और इंटरनेट उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: मुफ्त योजनाओं (फ्रीबीज) पर वित्तीय संतुलन बनाए रखना जरूरी
सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न उच्च न्यायालयों ने राज्यों द्वारा बांटी जा रही मुफ्त सौगातों (Freebies) पर चिंता जताई है. अदालतों का मानना है कि राजनीतिक लाभ के लिए अनियंत्रित रूप से दी जाने वाली मुफ्त योजनाओं से राज्यों की आर्थिक स्थिति चरमरा सकती है और इसका असर राज्य के विकास कार्यों पर पड़ता है.

हालांकि कल्याणकारी योजनाओं और चुनावी वादों के बीच संतुलन बनाना जरूरी माना गया है, लेकिन कोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि पात्र लोगों की पहचान किए बिना खजाना लुटाया जाएगा, तो इससे भविष्य के बजटीय ढाँचे पर बेहद नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. सरकार को इस पर नियम तय करने की जरूरत है.
असम और पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ से हालात गंभीर, लाखों लोग प्रभावित
पूर्वोत्तर भारत में भारी मानसूनी बारिश के कारण असम के कई जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, जिससे लाखों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तैनात किया गया है.

प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुँचाया जा रहा है, जहाँ उन्हें भोजन और चिकित्सा सुविधाएँ दी जा रही हैं. बॉलीवुड हस्तियों और कई सामाजिक संगठनों ने भी बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास के लिए वित्तीय सहायता भेजी है.

