टीएनपी डेस्क(TNP DESK): संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत कर दिया गया है. 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा प्रस्तावित 'संसद चलो' मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस पूरी तरह सतर्क है. राजधानी के कई महत्वपूर्ण इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और संसद के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संसद सत्र के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसी वजह से नई दिल्ली, मध्य दिल्ली और उत्तर दिल्ली के कई संवेदनशील इलाकों में चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है. संसद भवन और उससे जुड़े हाई-सिक्योरिटी जोन में प्रवेश करने वाले वाहनों की गहन जांच की जा रही है. प्रमुख मार्गों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं और सुरक्षा एजेंसियां सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं.
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संसद भवन की ओर किसी भी अनधिकृत रैली या मार्च की अनुमति नहीं दी जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि अब तक CJP की ओर से इस कार्यक्रम के लिए औपचारिक अनुमति का आवेदन नहीं मिला है. साथ ही संसद सत्र के दौरान लागू विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल को देखते हुए ऐसे किसी मार्च को अनुमति मिलने की संभावना भी बेहद कम मानी जा रही है.
सुरक्षा व्यवस्था के तहत जंतर-मंतर, संसद मार्ग, सेंट्रल विस्टा, शंकर चौक, कनॉट प्लेस और आसपास के अन्य संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है और रिजर्व पुलिस बल को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है. लगातार पेट्रोलिंग के साथ सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं.
इसी बीच आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें शनिवार को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया. वह 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे. पुलिस के अनुसार, उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति और अदालत के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है.
सोनम वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने के बाद आंदोलन की कमान CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने संभाल ली है. उन्होंने घोषणा की कि वह स्वयं अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे और संगठन का 'संसद चलो' कार्यक्रम तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित करने का प्रयास करेगा. वहीं, वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने भी कहा है कि यदि जरूरत पड़ी तो वह स्वयं आंदोलन और प्रस्तावित मार्च में शामिल होंगी.
CJP और आंदोलन से जुड़े लोग देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं. आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में NEET (UG) परीक्षा में कथित पेपर लीक, CBSE की ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली से जुड़ी शिकायतें और अन्य शिक्षा संबंधी सुधार शामिल हैं. इसके अलावा प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं.
दिल्ली पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है. ऐसे में संसद सत्र के दौरान किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं. सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बल की तैनाती भी की जा सकती है.

