NEET विवाद पर कॉकरोचों का बड़ा वार, सोनम वांगचुक के बाद अब AISA के इन 6 बड़े चेहरों का मिलेगा साथ

NEET विवाद पर कॉकरोचों का बड़ा वार, सोनम वांगचुक के बाद अब AISA के इन 6 बड़े चेहरों का मिलेगा साथ

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): देश में NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी मुद्दे को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन चल रहा है. यहां कई छात्र नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और अलग-अलग संगठनों से जुड़े लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं. उनका कहना है कि जब तक शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदारी तय नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा.

इस आंदोलन को और ज्यादा ताकत तब मिली जब मशहूर शिक्षा सुधार कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए. उनके साथ कई छात्र संगठनों के प्रतिनिधि भी इस अनशन में शामिल हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ एक परीक्षा की नहीं है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग है.

भूख हड़ताल में शामिल प्रमुख नामों में नेहा, जो AISA की अध्यक्ष हैं, भी शामिल हैं. उनके साथ दानिश अली (JNUSU संयुक्त सचिव), मनीष (AISA उत्तर प्रदेश अध्यक्ष), दीपक (AISA दिल्ली विश्वविद्यालय इकाई उपाध्यक्ष), हृषिकेश (JNU बराक हॉस्टल अध्यक्ष) और आमीन (AUD छात्र परिषद के पूर्व सदस्य) भी अनशन पर बैठे हैं.

इन सभी का कहना है कि NEET परीक्षा में हुई अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. छात्रों की मांग है कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए और पूरी परीक्षा प्रणाली में सुधार किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.

जंतर-मंतर पर केवल अनशन ही नहीं बल्कि बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और सामाजिक कार्यकर्ता भी पहुंच रहे हैं. कई लोग सांकेतिक उपवास रखकर समर्थन जता रहे हैं, जबकि कुछ लोग लगातार धरने में शामिल हैं. यह आंदोलन धीरे-धीरे देशभर के छात्रों की आवाज बनता जा रहा है.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर समय रहते सरकार ने इस मुद्दे पर ठोस कदम नहीं उठाए तो छात्रों का भरोसा व्यवस्था से उठ सकता है. फिलहाल सभी की नजर सरकार की प्रतिक्रिया और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है.