ब्रजमोहन राम ने ओडिशा के राज्यपाल के रूप में ली शपथ, हरीश टंडन ने दिलाई पद एवं गोपनीयता की शपथ
पलामू के पूर्व सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता ब्रजमोहन राम ने रविवार को ओडिशा के 28वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली. भुवनेश्वर के लोकभवन में आयोजित समारोह में ओडिशा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हरीश टंडन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी, विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी, राज्य सरकार के मंत्री, सांसद और कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.
टीएनपी डेस्क (TNP DESK): पलामू के पूर्व सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता ब्रजमोहन राम ने रविवार को ओडिशा के 28वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली. भुवनेश्वर के लोकभवन में आयोजित समारोह में ओडिशा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हरीश टंडन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी, विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी, राज्य सरकार के मंत्री, सांसद और कई गणमान्य लोग मौजूद रहे. ब्रजमोहन राम ने हरि बाबू कंभमपति की जगह ली है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 अक्टूबर को उन्हें ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया 28वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली. भुवनेश्वर स्थित लोकभवन में आयोजित समारोह में ओडिशा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हरीश टंडन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी, विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी, राज्य सरकार के मंत्री, सांसद और कई गणमान्य लोग मौजूद रहे. ब्रजमोहन राम ने हरि बाबू कंभमपति की जगह ली है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 अक्टूबर को उन्हें ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया था. झारखंड के पलामू से आने वाले ब्रजमोहन राम का राज्यपाल बनना उनके लंबे राजनीतिक सफर का एक अहम पड़ाव है.
बिहार विधानसभा से शुरू हुई राजनीति
ब्रजमोहन राम ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत क्षेत्रीय राजनीति से की. वर्ष 1991 से 1995 तक वह बिहार विधानसभा में लातेहार क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे. उस समय झारखंड अलग राज्य नहीं बना था. विधानसभा में काम करने के दौरान उन्हें जनता की समस्याओं और राजनीतिक गतिविधियों को करीब से समझने का मौका मिला. इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति की ओर कदम बढ़ाया.

लगातार तीन बार बने लोकसभा सांसद
ब्रजमोहन राम के राजनीतिक सफर में साल 1996 काफी अहम रहा. इसी साल वह पहली बार 11वीं लोकसभा के लिए चुने गए. इसके बाद 1998 में 12वीं और 1999 में 13वीं लोकसभा के लिए भी जीत हासिल की. लगातार तीन बार सांसद चुने जाने से उन्हें संसद में काम करने का लंबा अनुभव मिला. इस दौरान उन्होंने अपने क्षेत्र के मुद्दों को उठाने के साथ-साथ अलग-अलग संसदीय समितियों में भी जिम्मेदारी निभाई.
कई संसदीय समितियों में किया काम
सांसद रहते हुए ब्रजमोहन राम गृह मामलों, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण, ऊर्जा, परिवहन और पर्यटन से जुड़ी समितियों के सदस्य रहे. इसके अलावा उन्होंने इस्पात एवं खान, रेल और कोयला मंत्रालय की परामर्शदात्री समितियों में भी काम किया. अब ओडिशा के राज्यपाल की जिम्मेदारी संभालने के साथ उनके राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव की नई भूमिका शुरू हो गई है.