टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत! टैक्स ऑडिट की बढ़ी डेडलाइन, अब इस तारीख तक कर सकते हैं ITR फाइल

CBDT ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए टैक्स ऑडिट रिपोर्ट और संबंधित ITR दाखिल करने की समयसीमा 21 दिन बढ़ा दी है, जिससे टैक्सपेयर्स, कारोबारियों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को राहत मिलेगी.

टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत! टैक्स ऑडिट की बढ़ी डेडलाइन, अब इस तारीख तक कर सकते हैं ITR फाइल

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): त्योहारी सीजन से पहले टैक्सपेयर्स, कारोबारियों, कंपनियों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए राहत की खबर आई है. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने असेसमेंट ईयर 2026-27 यानी वित्तीय वर्ष 2025-26 से जुड़े कुछ टैक्स ऑडिट मामलों में ITR और टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की समयसीमा 21 दिन बढ़ा दी है. CBDT ने 28 सितंबर 2026 को जारी प्रेस रिलीज में इसकी जानकारी दी है. 

अब कब तक दाखिल करनी होगी टैक्स ऑडिट रिपोर्ट?
CBDT के मुताबिक, जिन निर्धारित करदाताओं पर संबंधित टैक्स ऑडिट प्रावधान लागू होते हैं और जो इस विस्तार के दायरे में आते हैं, उनके लिए टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की पहले तय तारीख 30 सितंबर 2026 थी. अब इसे बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2026 कर दिया गया है. यानी ऐसे टैक्सपेयर्स और उनके टैक्स प्रोफेशनल्स को ऑडिट प्रक्रिया पूरी करने के लिए 21 दिन का अतिरिक्त समय मिला है. इन मामलों में ऑडिट रिपोर्ट दाखिल होने के बाद संबंधित इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल किया जाता है. इसलिए ऑडिट की तारीख बढ़ाए जाने के साथ ITR की समयसीमा में भी बदलाव किया गया है.

ITR भरने की तारीख भी बढ़ी
जिन करदाताओं के लिए पहले 31 अक्टूबर 2026 तक इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करना था, उनके लिए नई अंतिम तारीख 21 नवंबर 2026 कर दी गई है. यह राहत उसी श्रेणी के करदाताओं पर लागू है, जिसका उल्लेख CBDT की प्रेस रिलीज में किया गया है. इस तरह दोनों प्रमुख डेडलाइन में 21 दिनों की बढ़ोतरी हुई है. नई व्यवस्था के तहत पहले 21 अक्टूबर तक टैक्स ऑडिट रिपोर्ट और उसके बाद 21 नवंबर तक संबंधित ITR दाखिल किया जा सकेगा.

टैक्स ऑडिट वाले मामलों में कारोबारियों और प्रोफेशनल्स को वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन, आय-व्यय, टैक्स से जुड़े दस्तावेज और अन्य विवरणों की जांच के बाद रिटर्न तैयार करना होता है. ऐसे में ऑडिट और रिटर्न की प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मिलने से करदाताओं को राहत मिल सकती है. यह फैसला ऐसे समय आया है जब टैक्स ऑडिट की पुरानी अंतिम तारीख 30 सितंबर नजदीक थी. CBDT ने अपनी घोषणा में संबंधित करदाताओं के लिए रिटर्न और ऑडिट रिपोर्ट, दोनों की समयसीमा को आगे बढ़ाने की जानकारी दी है. 

हालांकि समयसीमा बढ़ा दी गई है, लेकिन टैक्सपेयर्स को अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द जरूरी दस्तावेज और रिकॉर्ड तैयार कर लेने चाहिए. खासकर जिन मामलों में ऑडिट जरूरी है, वहां ऑडिट रिपोर्ट और ITR की प्रक्रिया आपस में जुड़ी होती है. एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि CBDT ने कहा है कि इस बदलाव को लागू करने के लिए औपचारिक आदेश/नोटिफिकेशन अलग से जारी किया जा रहा है. इसलिए करदाताओं को अपने मामले की श्रेणी और अंतिम लागू नियमों की पुष्टि करनी चाहिए.