टीएनपी डेस्क (TNP DESK): कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने करीब ढाई दिन से जारी अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है. अनशन खत्म करने के दौरान मंच पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि भी मौजूद रहीं. अनशन समाप्त करने के बाद दीपके ने कहा कि यदि सरकार जल्द ही सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर नहीं लाती या उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं करती, तो आंदोलन को और तेज करते हुए संसद मार्च किया जाएगा.
सीजेपी का दावा है कि केंद्र सरकार ने बातचीत के लिए पार्टी के प्रतिनिधियों को बुलाया है. पार्टी की ओर से प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष राकां सरकार से चर्चा के लिए पहुंचे हैं. बताया जा रहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ वार्ता चल रही है. हालांकि, बातचीत के नतीजों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
इधर, संसद मार्च के ऐलान के बाद राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया. जंतर-मंतर से संसद की ओर बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक मार्च करते हुए आगे बढ़े. प्रदर्शनकारियों के संसद भवन के नजदीक पहुंचने पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की और भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े.
सुरक्षा कारणों से संसद भवन के प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई और एक गेट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया. जंतर-मंतर से संसद तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे मार्ग पर भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई. प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश करते हुए पार्लियामेंट थाना क्षेत्र तक पहुंच गए, जबकि कुछ प्रदर्शनकारी राजीव चौक और मंडी हाउस मेट्रो स्टेशनों के आसपास भी देखे गए. लगातार बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ते रहे.
इससे पहले सोमवार सुबह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और सीजेपी कार्यकर्ताओं को हटाने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई. पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोगों के घायल होने की सूचना है. हालात को देखते हुए दिल्ली के कुछ मेट्रो स्टेशनों पर एहतियातन प्रतिबंध लगाए गए और सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई. फिलहाल, सभी की नजर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच जारी बातचीत पर टिकी है. यदि वार्ता से कोई समाधान नहीं निकलता है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है.

