TNP DESK- बंगाल के मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में सीबीआई आरोपियों की तलाश के लिए अभियान तेज कर दिया है. इस बीच एक वांटेड ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की एक अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया है. वांटेड हिस्ट्रीशीटर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोनू ने गैंगस्टर एक्ट से जुड़े पुराने मामले में बलिया की एक अदालत में आत्मसमर्पण किया है. इसके बाद कोर्ट ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
मोनू पर दूसरे राज्यों में भी दर्ज हैं मामले
सूत्रों के अनुसार मोनू पर प्रयोग में की गई कार खरीदने और हथियार देने का आरोप है. यूपी एसटीएफ और सीबीआई की टीम काफी दिनों से उसकी तलाश कर रही थी. वह बच -बचाकर पूर्व में चल रहे एक मामले में गुरुवार को कोर्ट में हाजिर हो गया. इसकी खबर लगते ही जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई है. हालांकि उसकी पत्नी का कहना है कि इस हत्याकांड में पति को फसाया जा रहा है. बताया जा रहा है कि उसके खिलाफ कई मामले दर्ज है. उसकी पत्नी का कहना है कि मेरे पति ने बलिया कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है. इस हत्याकांड में मेरे पति का नाम क्यों और कैसे जुड़ा , इस बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है.
बंगाल चुनाव परिणाम के बाद कर दी गई थी हत्या
पुलिस और सीबीआई की टीम उसके घर तीन-चार बार आ चुकी है. जांच एजेंसियां उनके घर से सीसीटीवी और डीवीआर भी अपने साथ ले गई है. हमें सीबीआई पर निष्पक्ष जांच का भरोसा है. उल्लेखनीय है कि बंगाल में चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की योजना बद्ध तरीके से हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड के तार झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश से जुड़े। हत्याकांड में जिस गाड़ी और बाइक का उपयोग किया गया था ,उसका नंबर फर्जी निकला था. इस हत्याकांड की जांच पहले बंगाल की एसआईटी कर रही थी, लेकिन फिर इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया था.