दिवाली छठ से पहले ही हवाई किराया कई गुना बढ़ा, रेलवे की साईट भी फुल, आख़िर महापर्व पर घर कैसे पहुचेंगे लोग

एक तरफ नियमित ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है, तो दूसरी तरफ हवाई सफर का किराया भी आसमान छू रहा है. बसों में भी यात्रियों की बढ़ती भीड़ के बीच किराया बढ़ने की आशंका है.

दिवाली छठ से पहले ही हवाई किराया कई गुना बढ़ा, रेलवे की साईट भी फुल, आख़िर महापर्व पर घर कैसे पहुचेंगे लोग

टीनपी डेस्क (TNP DESK): दुर्गा पूजा का त्योहार खत्म हो चुका है. ऐसे में अब छठ और दिवाली की तैयारियां शुरू हो गई है. कई लोग अपने घरों से दूर पढ़ाई करने या जॉब करने के लिए निकलते है. ऐसे में लोगों को साल में इस त्योहार का इंतज़ार राहत है. ऐसे में  दिवाली और छठ पर अपने घर लौटने की तैयारी कर रहे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. एक तरफ नियमित ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है, तो दूसरी तरफ हवाई सफर का किराया भी आसमान छू रहा है. बसों में भी यात्रियों की बढ़ती भीड़ के बीच किराया बढ़ने की आशंका है. ऐसे में त्योहार पर परिवार के साथ घर पहुंचना लोगों की जेब पर भारी पड़ सकता है. दरअसल, आठ नवंबर को दीपावली है. इससे पहले छह और सात नवंबर को रांची आने वाली कई उड़ानों का किराया सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ गया है. वहीं, छठ के लिए बिहार जाने वाले यात्रियों को ट्रेन में लंबी वेटिंग के कारण दूसरे विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं.

भुवनेश्वर से रांची आने का किराया 25 हजार के पार

दीपावली से पहले हवाई टिकटों की कीमतों में सबसे ज्यादा उछाल भुवनेश्वर-रांची रूट पर देखने को मिल रहा है. सामान्य दिनों में करीब 4,533 रुपये का टिकट छह नवंबर को बढ़कर 25,665 रुपये तक पहुंच गया है. सात नवंबर को भी किराया 15,296 रुपये है. मुंबई से रांची आने के लिए छह नवंबर को 22,730 रुपये और सात नवंबर को 19,597 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं. वहीं, अहमदाबाद से किराया दोनों दिन 21,734 रुपये दर्ज किया गया है. हैदराबाद से रांची आने का टिकट 18,052 से 19,342 रुपये तक पहुंच गया है. दिल्ली, बेंगलुरु और चेन्नई से आने वाली उड़ानों के किराये में भी अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई है.

राजधानी और संपर्क क्रांति में भी सीटों की किल्लत

हवाई किराये के साथ रेल यात्रियों की परेशानी भी बढ़ गई है. नई दिल्ली-रांची राजधानी एक्सप्रेस में छह नवंबर को थर्ड एसी की वेटिंग 274 और सेकंड एसी की वेटिंग 100 तक पहुंच गई है. फर्स्ट एसी में टिकट उपलब्ध नहीं हैं. झारखंड संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में 11 नवंबर को स्लीपर के टिकट नहीं मिल रहे हैं. पुणे-हटिया एक्सप्रेस और बेंगलुरु-हटिया एक्सप्रेस में भी कई तारीखों पर लंबी वेटिंग है. कुछ श्रेणियों में टिकट मिलना बंद हो गया है.

स्पेशल ट्रेनें भी नहीं दे रहीं पूरी राहत

नियमित ट्रेनों में जगह नहीं मिलने के बाद यात्रियों की उम्मीद स्पेशल ट्रेनों पर टिकी है, लेकिन यहां भी राहत सीमित है. रांची-शालीमार स्पेशल में छह नवंबर को स्लीपर की वेटिंग 257 तक पहुंच गई है. रांची-अलीपुरद्वार स्पेशल में भी स्लीपर की वेटिंग काफी लंबी है. हालांकि, कुछ ट्रेनों में आरएसी और कम वेटिंग के विकल्प मौजूद हैं.

बस और टैक्सी से सफर भी पड़ेगा महंगा

ट्रेन में टिकट नहीं मिलने से बसों की मांग बढ़ने की संभावना है. बस संचालकों के अनुसार, छठ के नजदीक आने पर किराये में 100 से 200 रुपये तक बढ़ोतरी हो सकती है. फिलहाल रांची से भागलपुर का किराया 750 रुपये, पटना का 700 रुपये और बिहारशरीफ का 650 रुपये है. वहीं, परिवार के साथ टैक्सी से बिहार जाने पर 22 हजार रुपये तक खर्च करना पड़ सकता है. कुछ बस संचालकों ने ऑनलाइन बुकिंग भी सीमित कर दी है.

त्योहार पर घर लौटना बना चुनौती

त्योहारी सीजन में यात्रियों की संख्या बढ़ने और सीटें सीमित होने से टिकट महंगे हो रहे हैं. विमानन कंपनियों की डायनेमिक प्राइसिंग व्यवस्था के तहत मांग बढ़ने पर किराया भी बढ़ सकता है. ऐसे में यात्रियों को सलाह है कि सफर की योजना पहले बनाएं और टिकट बुक करने से पहले किराये व सीटों की उपलब्धता जरूर जांच लें.