AI के दम पर बदलेगा झारखंड. Google, Microsoft, Oracle, IBM और AWS के साथ हेमन्त सोरेन ने तैयार किया डिजिटल विकास का रोडमैप

AI के दम पर बदलेगा झारखंड. Google, Microsoft, Oracle, IBM और AWS के साथ हेमन्त सोरेन ने तैयार किया डिजिटल विकास का रोडमैप

नई दिल्ली/रांची: झारखंड अब केवल खनिज संपदा वाला राज्य नहीं, बल्कि तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी अपनी नई पहचान बनाने की तैयारी में है. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित 'विजन 2050 : राष्ट्रीय हितधारक परामर्श' के दौरान दुनिया की कई प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठकों की अध्यक्षता की. इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल गवर्नेंस, क्लाउड टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा, डिजिटल स्किलिंग और भविष्य के लिए सक्षम मानव संसाधन तैयार करने को लेकर दीर्घकालिक साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा करना था.

बैठक में Google, Microsoft, Oracle, IBM, AWS, Salesforce, Techstars, Leah AI, Mamsys सहित कई अग्रणी वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए. सभी कंपनियों ने झारखंड में डिजिटल परिवर्तन, बेहतर शासन व्यवस्था और तकनीकी निवेश को लेकर अपनी योजनाएं और सुझाव साझा किए.

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने इस अवसर पर कहा कि झारखंड तकनीक को केवल आधुनिकता का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों के जीवन को आसान बनाने के एक प्रभावी उपकरण के रूप में देखता है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार AI आधारित सुशासन को बढ़ावा देने और तकनीकी नवाचारों को अपनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

उन्होंने कहा. "झारखंड अपनी पारंपरिक ज्ञान-सम्पदा और स्थानीय बुद्धिमत्ता को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर विकास का एक नया और समावेशी मॉडल तैयार करेगा. हमारा लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में झारखंड नवाचार आधारित प्रौद्योगिकी विकास का अग्रणी राज्य बने."

Google ने दिया AI स्किलिंग और हेल्थकेयर में सहयोग का प्रस्ताव

Google के प्रतिनिधि लोकेश लोहिया के साथ हुई बैठक में AI आधारित गवर्नेंस, स्मार्ट हेल्थकेयर, आपातकालीन सेवाओं, स्थानीय भाषाओं पर आधारित AI समाधान और डिजिटल स्किलिंग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई.

Google ने झारखंड के 3 से 4 लाख K-12 शिक्षकों के लिए तीन महीने का AI प्रशिक्षण और प्रमाणन कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव रखा. इसके अलावा कंपनी ने राज्य सरकार के साथ Statement of Intent (SoI) पर हस्ताक्षर करने की इच्छा भी जताई. बैठक में AI आधारित एम्बुलेंस मैनेजमेंट सिस्टम और एकीकृत हेल्थ प्लेटफॉर्म विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई.

Oracle का फोकस स्किलिंग और क्लाउड इकोसिस्टम पर

Oracle के सीनियर डायरेक्टर (डेटा प्लेटफॉर्म) तौसीफ सिद्दीकी ने झारखंड में AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल स्किलिंग इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के लिए सहयोग का प्रस्ताव दिया. उन्होंने उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण, प्रमाणन, कार्यबल विकास और नवाचार कार्यक्रमों पर साझेदारी की इच्छा जताई.

Microsoft बनाएगा AI आधारित डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म

Microsoft इंडिया के CTO केशरी अस्थाना के साथ हुई चर्चा में राज्य के सभी सरकारी विभागों के डेटा को एकीकृत करने वाले AI संचालित डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर विचार हुआ.

इस प्लेटफॉर्म के जरिए सरकारी योजनाओं की बेहतर मॉनिटरिंग, डेटा आधारित निर्णय, विभागीय प्रक्रियाओं का ऑटोमेशन और मजबूत डेटा गवर्नेंस सुनिश्चित करने की योजना पर चर्चा हुई. साथ ही लो-कोड तकनीक के जरिए सरकारी सेवाओं को तेजी से डिजिटल बनाने पर भी जोर दिया गया.

IBM ने दिया मुफ्त Proof of Concept का प्रस्ताव

IBM के सीनियर एडवाइजर तल्लीन कुमार ने खनन, स्वास्थ्य, बैंकिंग और साइबर सुरक्षा क्षेत्रों के लिए AI आधारित समाधान प्रस्तुत किए.

कंपनी ने स्मार्ट डेटा एनालिटिक्स, माइनिंग मॉनिटरिंग, सुरक्षित डेटा शेयरिंग और राज्य की जरूरतों के अनुसार AI समाधान विकसित करने के लिए नि:शुल्क Proof of Concept (PoC) उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा. इससे सरकार को नई तकनीकों को लागू करने से पहले उनके प्रभाव का आकलन करने में मदद मिलेगी.

SaaS समाधान से बढ़ेगी पारदर्शिता

SaaS आधारित समाधान उपलब्ध कराने वाली कंपनियों के साथ हुई चर्चा में AI आधारित एनालिटिक्स, हाइब्रिड क्लाउड, साइबर सुरक्षा और इंटेलिजेंट डेटा प्लेटफॉर्म के जरिए सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने, लीकेज कम करने और सेवा वितरण को अधिक प्रभावी बनाने पर विचार हुआ.

साथ ही सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण एवं प्रमाणन कार्यक्रमों के जरिए संस्थागत क्षमता निर्माण पर भी सहमति बनी.

AWS ने सुरक्षित क्लाउड और DBT समाधान पर दिया जोर

Amazon Web Services (AWS) के प्रिंसिपल AI स्पेशलिस्ट सचिन पुनयानी के साथ हुई बैठक में सुरक्षित क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, AI आधारित डेटा इंटीग्रेशन, डिजिटल गवर्नेंस, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT), शिक्षा और केंद्रीकृत निर्णय समर्थन डैशबोर्ड विकसित करने पर विस्तार से चर्चा हुई.

AWS ने राज्य में AI आधारित सुशासन मॉडल को प्रदर्शित करने के लिए नि:शुल्क Proof of Concept (PoC) उपलब्ध कराने की भी पेशकश की.

मुख्य सचिव और अधिकारियों ने भी रखा सरकार का विजन

बैठक के दौरान मुख्य सचिव अविनाश कुमार और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों के सवालों का जवाब दिया और झारखंड में निवेश, डिजिटल अवसंरचना और तकनीकी सहयोग के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी.

डिजिटल झारखंड की दिशा में बड़ा संकेत

इन B2G बैठकों से साफ संकेत मिला कि वैश्विक तकनीकी कंपनियां झारखंड को भविष्य के डिजिटल और तकनीकी निवेश के एक मजबूत गंतव्य के रूप में देख रही हैं. राज्य सरकार भी AI आधारित सुशासन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा और कौशल विकास को अपनी विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रही है.

यदि इन बैठकों में हुई चर्चाएं और प्रस्ताव आने वाले समय में जमीन पर उतरते हैं, तो झारखंड न केवल प्रशासनिक सेवाओं को अधिक स्मार्ट और पारदर्शी बना सकेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार, डिजिटल स्किलिंग और तकनीकी निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे. यही वजह है कि 'विजन 2050' के तहत हुई यह पहल झारखंड के डिजिटल भविष्य की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है.