हींग के बाद एवरेस्ट का जीरा मसाला विवादों में! जानिए क्यों हटाना पड़ा स्टॉक

भारत के फूड सेफ्टी रेगुलेटर FSSAI ने एवरेस्ट के पैक्ड जीरा पाउडर के एक बैच को बाजार से वापस मंगाने का सख्त आदेश दिया है. गोवा में लिए गए रेगुलेटरी सैंपल की जांच में जीरा पाउडर में तय सीमा से ज्यादा कीटनाशकों के अंश पाए गए. जांच के बाद इसे ‘असुरक्षित’ घोषित किया गया.

हींग के बाद एवरेस्ट का जीरा मसाला विवादों में! जानिए क्यों हटाना पड़ा स्टॉक

टीनपी डेस्क (TNP DESK):  भारत को मसालों का खजाना  कहा जाता है. हमारे देश में हर तरह के मसाले मिलते है और यही वजह है की भारत दुनिया के लगभग 70% मसालों का उत्पादन करता है. कई भारतीय ऐसे है जो मसाले खुद घर में बनाते है तो कई ऐसे लोग है जो बाहर से पैकेड मसाले खरीदकर इस्तेमाल करते है. ऐसे में एवरेस्ट नाम की कंपनी हर  किचन में मिल ही जाती है.  जो लोग विश्वास करके मर्केट से मसाले खरीदते है, उन्हें जब ऐसी बात पता चलेगी की मसाले में दिक्कत है तो कैसे आगे चल कर वो किसी और कंपनी में भरोसा करेंगे? एवरेस्ट के मसाले प्रोडक्ट 59 साल पुराना है. अगर इतनी पुरानी ब्रांड पर सवाल उठने लगेगा तो बाकी ब्रांड से क्या ही उम्मीद की जाएगी.

दरअसल, भारत के फूड सेफ्टी रेगुलेटर FSSAI ने एवरेस्ट के पैक्ड जीरा पाउडर के एक बैच को बाजार से वापस मंगाने का सख्त आदेश दिया है. गोवा में लिए गए रेगुलेटरी सैंपल की जांच में जीरा पाउडर में तय सीमा से ज्यादा कीटनाशकों के अंश पाए गए. जांच के बाद इसे ‘असुरक्षित’ घोषित किया गया. इसके बाद संबंधित पूरे बैच को बाजार से हटाने का निर्देश दिया गया है. ऐसे में अगर आपके घर में भी एवरेस्ट का जीरा पाउडर रखा है, तो सबसे पहले उसके पैकेट पर लिखे बैच नंबर को जरूर जांच लें. बता दें, इससे पहले एवरेस्ट ब्रांड की हिंग मसाले को पूरी तरह बैन कर दिया गया है.

सैंपल में क्या मिला?

FSSAI के अनुसार, गोवा में एक होटल परिसर से एवरेस्ट के प्री-पैक्ड जीरा पाउडर का सैंपल लिया गया था. फूड एनालिस्ट की जांच में इसमें अजोक्सीस्ट्रोबिन (Azoxystrobin) और थियामेथोक्सम (Thiamethoxam) नाम के कीटनाशकों के अंश तय अधिकतम सीमा से ज्यादा पाए गए. यानी मसाले में इन रसायनों की मात्रा तय सुरक्षा सीमा से ऊपर थी. जांच के बाद फूड एनालिस्ट ने सैंपल को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत असुरक्षित बताया. कंपनी को इस रिपोर्ट के खिलाफ अपील करने का मौका भी दिया गया.

FSSAI continues to enforce strict regulatory compliance to safeguard consumer health across the country: 1️⃣ Licence Suspended: FSSAI licence of M/s Creative Bakers and Confectioners Pvt. Ltd. has been suspended with immediate effect due to severe hygiene deficiencies. (1)2 https://t.co/i4yy2phThN

— FSSAI (@fssaiindia) October 4, 2026

 

दोबारा जांच में भी असुरक्षित मिला

कंपनी की अपील के बाद सैंपल को रेफरल फूड लेबोरेटरी में भेजा गया. वहां दोबारा जांच की गई. इस जांच में भी जीरा पाउडर में अजोक्सीस्ट्रोबिन और थियामेथोक्सम की मात्रा तय सीमा से अधिक पाई गई. यानी दूसरी लैब की जांच में भी पहले सामने आए नतीजों की पुष्टि हुई. इसके बाद FSSAI ने संबंधित प्रोडक्ट के पूरे बैच को बाजार से वापस मंगाने का निर्देश दिया. एवरेस्ट को वापस लिए गए प्रोडक्ट का पूरा रिकॉर्ड रखने और तय समय के भीतर इसकी जानकारी रेगुलेटर को देने के लिए कहा गया है.

कौन-सा एवरेस्ट जीरा पाउडर प्रभावित है?

FSSAI की कार्रवाई बैच नंबर E080668761 वाले प्री-पैक्ड जीरा पाउडर से जुड़ी है. इसलिए हर एवरेस्ट जीरा पाउडर को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है. अगर आपके पास यह प्रोडक्ट है, तो पैकेट पर सबसे पहले बैच नंबर देखें. अगर बैच नंबर संबंधित बैच से मिलता है, तो उसे इस्तेमाल करने के बजाय आगे की आधिकारिक जानकारी और रीकॉल निर्देशों का पालन करना बेहतर है.

एवरेस्ट पर पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

एवरेस्ट से जुड़ा यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले अगस्त 2026 में भी एवरेस्ट की कंपाउंडेड हींग को लेकर कार्रवाई की गई थी. उस मामले में हींग में अल्कोहल-सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट की मात्रा तय मानक से कम पाई गई थी. इसके अलावा मिसब्रांडिंग से जुड़े नियमों को लेकर भी सवाल उठे थे. हालांकि, जीरा पाउडर का मामला अलग है. इस बार कार्रवाई सीधे तौर पर कीटनाशकों की तय सीमा से अधिक मात्रा पाए जाने के कारण हुई है.

FSSAI ने कंपनी को क्या निर्देश दिए?

FSSAI ने प्रभावित बैच को बाजार से वापस लेने के साथ-साथ एवरेस्ट को रीकॉल की पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड रखने को कहा है. कंपनी को यह भी बताना होगा कि कितना स्टॉक बाजार में भेजा गया था और उसमें से कितना वापस लिया गया. इसके अलावा भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न हो, इसके लिए जरूरी सुधारात्मक कदम उठाने और उसकी रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है.

घर में मसाले खरीदते समय क्या ध्यान रखें?

मसालों का पैकेट खरीदते समय केवल ब्रांड देखकर ही फैसला नहीं करना चाहिए. पैकेट पर बैच नंबर, एक्सपायरी डेट, पैकिंग डेट, FSSAI लाइसेंस और पैकेट की सील जरूर देखें. पैकेट फूला हुआ, फटा हुआ या खराब स्थिति में हो तो उसे न खरीदें. किसी उत्पाद को लेकर सरकारी रीकॉल की सूचना सामने आए तो संबंधित बैच नंबर जरूर मिलाएं. सबसे जरूरी बात यह है कि इस कार्रवाई का संबंध एक खास बैच से है. इसलिए बिना पुष्टि के पूरे ब्रांड के सभी उत्पादों को असुरक्षित मानना सही नहीं होगा. FSSAI की ओर से जारी रीकॉल और आधिकारिक निर्देशों को ही अंतिम आधार माना जाना चाहिए.