गर्भावस्था से बच्चे के जन्म के बाद तक बिहार में गर्भवती महिलाओं को मिलती है सरकारी मदद, आंगनबाड़ी से ऐसे उठाएं लाभ
गर्भावस्था से बच्चे के जन्म के बाद तक बिहार की महिलाओं को PM मातृ वंदना योजना के तहत आर्थिक सहायता और आंगनबाड़ी से पोषण, स्वास्थ्य जांच व टीकाकरण जैसी सुविधाएं मिलती हैं. पात्र महिलाएं आंगनबाड़ी या आशा कार्यकर्ता की मदद से आवेदन कर सकती हैं.
टीएनपी डेस्क(TNP DESK): सरकार की ओर से महिलाओं के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई जाती हैं, जहां रोजगार, शिक्षा, विवाह से लेकर गर्भावस्था में स्वास्थ्य और आर्थिक रूप से मदद करने का भी काम किया जाता है. गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को बेहतर पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच और सुरक्षित डिलीवरी काफी जरूरी होती है, लेकिन कुछ गरीब परिवार की महिलाएं ऐसी होती हैं, जिनके पास पैसे की कमी होती है. इसकी वजह से गर्भावस्था के दौरान उन्हें पोषण युक्त भोजन नियमित रूप से नहीं मिल पाता है और बच्चे को परेशानी हो सकती है. जिसको देखते हुए सरकार की ओर से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शुरुआत की गई है. इस योजना का लाभ देश के हर राज्य की महिलाएं उठा सकती हैं. वहीं बात अगर बिहार की हो तो यहां की महिलाएं भी इस योजना का लाभ लाखों की संख्या में उठाती हैं, जिनमें बच्चे के जन्म से पहले, डिलीवरी के समय और डिलीवरी के बाद तक का ख्याल सरकार रखती है, जहां आर्थिक रूप से मदद की जाती है.

पढ़ें क्या है सरकार का लक्ष्य
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को 1 जनवरी 2017 से लागू किया गया था, जहां राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत यह योजना चलती है. इसका उद्देश्य एक ही है कि गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण को सुधारा जाए. प्रसव से पहले और उसके बाद आराम करने वाली महिलाएं मजदूरी नहीं कर पाती हैं, जिसकी वजह से सरकार आंशिक भरपाई करती है. सरकार की ओर से स्वास्थ्य जांच, जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं और देखभाल के साथ खाने-पीने का ख्याल रखा जाता है, जिनमें बच्चे के जन्म के बाद 5000 दिए जाते हैं, जो दो किस्तों में होती हैं. पहले 3000 और उसके बाद 2000 खाते में भेजे जाते हैं, ताकि महिलाएं अपनी दवा-दारू और खानपान का ध्यान रख सकें.अब बता दें कि योजना की शुरुआत में इस योजना का लाभ केवल पहले बच्चे के जन्म पर दिया जाता था, लेकिन साल 2022 से इस योजना का लाभ दूसरे बच्चे के जन्म के बाद भी दिया जाता है. लेकिन सरकार की एक शर्त है कि दूसरा बच्चा लड़की होना चाहिए.

पढ़िए कितने मिलते हैं पैसे
अब चलिए आपको बताते हैं कि इस योजना के तहत महिलाओं को कितने रुपये दिए जाते हैं. तो आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए पहले जीवित बच्चे के लिए कुल 5000 दिए जाते हैं, जो दो किस्तों में बांटे होते हैं. पहले किस्त के रूप में 3000 दिए जाते हैं, जहां गर्भधारण का रजिस्ट्रेशन और कम से कम दो एंटीनेंटल चेकअप यानी एएनसी पूरा करना जरूरी होता है. वहीं दूसरी किस्त 2000 की होती है, जहां बच्चे का जन्म पंजीकरण करवाना जरूरी होता है, वहीं 14 सप्ताह तक का पहला टीकाकरण चक्र पूरा होना जरूरी है. यदि किसी महिला को दूसरी बार लड़की होती है तो उसको 6000 सरकार देती है, वह भी एकमुश्त राशि दी जाती है. इसके लिए गर्भधारण का पंजीकरण होना जरूरी होता है. हालांकि, सबसे जरूरी बात यह है कि हर गर्भवती महिला को इस योजना का लाभ नहीं मिलता है. सरकार की ओर से जो नियम तय किए गए हैं, उसके लिए पात्र होना जरूरी है.

पढ़िए कैसी महिलाएं उठा सकती हैं लाभ
अब चलिए आपको बता देते हैं कि इस योजना का लाभ कैसी महिलाएं उठा सकती हैं. तो आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना उन महिलाओं के लिए शुरू की गई है, जो सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आती हैं, जिसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाएं, बीपीएल राशन कार्ड धारक, आयुष्मान भारत पीएम-जय लाभार्थी, श्रम कार्ड धारक, मनरेगा जॉब कार्ड धारक, दिव्यांग महिलाएं, किसान सम्मान निधि की महिला लाभार्थी और एनएफएसए राशन कार्ड रखने वाली महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकती हैं. वहीं इस योजना की पात्र वह महिलाएं भी हो सकती हैं, जिनके परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम है. अब चलिए आपको बता देते हैं कि महिलाएं कैसे योजना का लाभ उठा सकती हैं और इसके लिए आवेदन कर सकती हैं.

इस तरह कर सकते हैं apply
यदि आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र या फिर आशा कार्यकर्ता से आप संपर्क कर सकते हैं, जहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या फिर आशा पात्र महिलाओं का ऑनलाइन आवेदन प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पोर्टल पर भरने में सहायता करती हैं. यदि महिला पढ़ी-लिखी है तो वह भी खुद से इस पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकती है, जिसमें कुछ जरूरी दस्तावेजों की मांग की जाती है. इसमें आधार कार्ड, आधार कार्ड से जुड़ा बैंक या पोस्ट ऑफिस खाता, मोबाइल नंबर, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र और टीकाकरण से जुड़ी जानकारी की जरूरत होती है. आवेदन के बाद अगर सब कुछ सही पाया जाता है तो सत्यापन के बाद योजना की राशि सीधे लाभुक के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर हो जाती है.
खाते में सरकार भेजती है पैसे
आपको बता दें कि इस योजना के तहत केवल आर्थिक मदद नहीं दी जाती, बल्कि आंगनबाड़ियों से भी कई तरह के लाभ मिलते हैं, जहां आंगनबाड़ी व्यवस्था के तहत लाभुक महिलाओं को पूरक पोषण आहार एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, टीकाकरण के साथ जरूरी पढ़ाने, प्रति रेफरल सेवन जैसी सुविधाएं दी जाती हैं. वहीं उसके साथ ही छोटे बच्चे के लिए भी पूरा पोषण, शुरुआती बाल देखभाल से जुड़ी सेवाएं मिलती हैं.अगर कोई महिला इस योजना के लिए पात्र है तो गर्भावस्था की शुरुआत से ही अपनी आबादी आंगनबाड़ी केंद्र या आशा कार्यकर्ता से संपर्क करना चाहिए और समय पर गर्भावस्था का पंजीकरण, नियमित एएनसी, संस्थागत प्रसव और बच्चों का पूरा टीकाकरण का लाभ उठाना चाहिए.