tnp desk : Gen Z के दौर में अब सब कुछ चेंज हो रहा है. पहले जहां लोग अपनी पर्सनल बातों को खुलकर सामने रखने से कतराते थे वहीं अब कुछ चीजें ऐसी हैं जहां Gen Z उसे ओपनली बोलते हैं और फिर कई बार ये बातें बहस का मुद्दा बन जाती हैं. गुरुग्राम से जुड़ा एक मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है जहां एक Gen Z कर्मचारी ने पीरियड्स के दर्द का हवाला देते हुए ऑफिस से छुट्टी मांगी कर्मचारी का ईमेल सामने आने के बाद कंपनी के CEO की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. आखिर CEO ने ऐसा क्या कहा कि मामला बहस का विषय बन गया? आइए जानते हैं.

कॉरपोरेट वर्क कल्चर में छुट्टी मांगने के तरीके को लेकर अक्सर बहस होती रहती है. इसी बीच गुरुग्राम के एक CEO की सोशल मीडिया पोस्ट ने नई चर्चा छेड़ दी है. मामला एक महिला कर्मचारी के छुट्टी वाले ईमेल से जुड़ा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक कर्मचारी ने अपने मैनेजर को बताया कि उसे पीरियड्स के दौरान काफी दर्द हो रहा है और इसी वजह से वह उस दिन ऑफिस नहीं आ पाएगी.लेकिन किसी भी जरूरी काम के लिए फोन और ईमेल पर एविलेवल रहेगी .'

इस ईमेल को लेकर कंपनी के CEO ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की. CEO ने मेल का स्क्रीनशॉट लेकर लिखा Gen Z ने काम की जगह की नॉन-एसेंशियल हिचकिचाहट को खत्म कर दिया है. आज से 10 साल पहले इस तरह से खुलकर लिखना बहुत ही रेयर माना जाता था. पोस्ट के वायरल होने के बाद लोगों के बीच बहस शुरू हो गई कि क्या कर्मचारियों को पीरियड्स के दर्द जैसी व्यक्तिगत और स्वास्थ्य से जुड़ी वजहों के लिए खुलकर छुट्टी मांगनी चाहिए?
एक तरफ कई लोग इसे Gen Z की वर्कप्लेस में ज्यादा खुली और स्पष्ट कम्युनिकेशन की मिसाल मान रहे हैं. उनका कहना है कि पीरियड्स एक सामान्य स्वास्थ्य स्थिति है और जरूरत पड़ने पर कर्मचारी को आराम करने का अधिकार होना चाहिए.वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों का मानना है कि ऑफिस कम्युनिकेशन में निजी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी साझा करने का तरीका और जरूरत दोनों महत्वपूर्ण हैं.
इस पूरे मामले ने एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया है क्या आने वाले समय में कंपनियों को कर्मचारियों की व्यक्तिगत और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वर्कप्लेस पॉलिसी को और ज्यादा संवेदनशील बनाना चाहिए? फिलहाल CEO की पोस्ट और कर्मचारी का ईमेल सोशल मीडिया पर चर्चा में है. लेकिन इस बहस के बीच एक बात साफ हैवर्कप्लेस में जनरेशन गैप के साथ-साथ काम करने के तरीके और कम्युनिकेशन के तरीके भी तेजी से बदल रहे हैं.

