एक ही तेल को बार-बार इस्तेमाल करना पड़ सकता है भारी, डॉक्टर ने सावधानी बरतने की दी सलाह

क्या आप भी एक ही तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल करते हैं? जानिए बार-बार गर्म किए गए तेल का सेवन क्यों सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है और डॉक्टर क्या सलाह देते हैं.

एक ही तेल को बार-बार इस्तेमाल करना पड़ सकता है भारी, डॉक्टर ने सावधानी बरतने की दी सलाह

टीनपी डेस्क (TNP DESK): क्या आप भी खाना बनाने के लिए एक ही तेल को बार-बार इस्तेमाल करते हैं? अगर हां, तो अपनी इस आदत पर ध्यान देने की जरूरत है. कई घरों में तेल बच जाने पर उसे फेंकने के बजाय दोबारा खाना बनाने में इस्तेमाल किया जाता है. कुछ लोग इसी तेल में पहले पकौड़े या पूड़ी जैसी चीजें डीप फ्राई करते हैं और बाद में बचे हुए तेल से सब्जी या दूसरी डिश बना लेते हैं. लोगों को लगता है कि तेल को दोबारा इस्तेमाल करने से पैसे और सामान दोनों की बचत होती है, लेकिन विशेषज्ञ लंबे समय तक या बार-बार गर्म किए गए तेल के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतने की सलाह देते हैं.

बार-बार गर्म करने पर तेल में क्या होता है?

जब तेल को बहुत अधिक तापमान पर गर्म किया जाता है और फिर ठंडा करके दोबारा गर्म किया जाता है, तो उसमें रासायनिक बदलाव होने लगते हैं. खासकर डीप फ्राई करने के दौरान तेल लंबे समय तक तेज तापमान के संपर्क में रहता है. इसके बाद उसी तेल को दोबारा गर्म करने पर उसमें ऑक्सीडेशन बढ़ सकता है और तेल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है. बार-बार गर्म करने से तेल का रंग, स्वाद और गंध भी बदल सकती है. अगर तेल से धुआं निकलने लगे, वह बहुत गहरा हो जाए या उसमें जली हुई गंध आने लगे, तो उसे दोबारा इस्तेमाल करने से बचना चाहिए.

डीप फ्राई वाला तेल सब्जी में इस्तेमाल करना कितना सही?

अक्सर घरों में पकौड़े, पूरी, कचौड़ी या फ्रेंच फ्राइज जैसी चीजें तलने के बाद कड़ाही में बचा तेल दूसरी सब्जी बनाने के लिए इस्तेमाल कर लिया जाता है. डॉक्टर और पोषण विशेषज्ञ ऐसी आदत को सीमित करने की सलाह देते हैं. खासकर अगर तेल को पहले ही लंबे समय तक तेज आंच पर गर्म किया जा चुका हो. डीप फ्राई के दौरान खाने के छोटे-छोटे कण भी तेल में रह जाते हैं. इन्हें दोबारा गर्म करने पर तेल और जल्दी खराब हो सकता है. इसलिए बचे हुए तेल को बार-बार गर्म करने के बजाय जरूरत के अनुसार ही तेल का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है.

कौन-से संकेत दिखें तो तेल दोबारा इस्तेमाल न करें?

तेल को देखकर भी उसकी स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है. अगर तेल का रंग सामान्य से काफी गहरा हो गया है, उसमें झाग बनने लगा है, धुआं जल्दी निकल रहा है या उससे अजीब और जली हुई गंध आ रही है, तो उसे दोबारा इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. इसी तरह तेल में पहले तली गई चीजों के जले हुए टुकड़े या कण बड़ी मात्रा में मौजूद हों, तो उसे छानकर बार-बार गर्म करना सही विकल्प नहीं माना जाता. तेल को सिर्फ छान लेने से उसमें गर्म करने के दौरान हुए सभी रासायनिक बदलाव खत्म नहीं हो जाते.

सेहत पर क्यों पड़ सकता है असर?

बार-बार गर्म किए गए तेल में ऑक्सीडेशन से जुड़े यौगिक बढ़ सकते हैं. ऐसे तेल का लगातार और अधिक सेवन शरीर के लिए अच्छा नहीं माना जाता. विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक खराब गुणवत्ता वाले तेल और तले हुए खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन संतुलित आहार का हिस्सा नहीं होना चाहिए. खासकर जिन लोगों को पहले से हृदय स्वास्थ्य, वजन या मेटाबॉलिक समस्याओं को लेकर चिंता है, उन्हें खाने में इस्तेमाल होने वाले तेल की मात्रा और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना चाहिए.

तेल के इस्तेमाल में रखें ये सावधानियां

खाना बनाते समय कोशिश करें कि उतना ही तेल गर्म करें जितनी जरूरत हो. डीप फ्राई के बाद बचे तेल को बार-बार अलग-अलग व्यंजनों में इस्तेमाल करने से बचें. अगर किसी कारण से तेल को दोबारा इस्तेमाल करना पड़े, तो उसे लंबे समय तक स्टोर करने के बजाय सीमित मात्रा और कम बार इस्तेमाल करना बेहतर है. साथ ही तेल को हमेशा साफ, सूखे और बंद कंटेनर में रखें. सबसे जरूरी बात यह है कि सिर्फ तेल बचाने के लिए उसकी गुणवत्ता से समझौता न करें. खाना पकाने में सही तापमान और सीमित मात्रा में तेल का इस्तेमाल आपकी रोजमर्रा की डाइट को बेहतर रखने में मदद कर सकता है.