टीएनपी डेस्क(TNP DESK): आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास इतना समय ही नहीं मिलता है कि वो अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख सके. जिसस शरीश में कई तरह की बिमारियां जन्म ले लेती है. इन्हीं में से एक है यूरिक एसिड का बढ़ना, जो धीरे-धीरे शरीर को अंदर से नुकसान पहुंचा सकता है. शुरुआत में यह मामूली लग सकती है, लेकिन समय पर ध्यान न देने पर यह गाउट, जोड़ों में दर्द, सूजन और किडनी स्टोन जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है.
सही खानपान, स्वच्छ पानी और एक अच्छा लाइफ स्टाइल अपनाकर यूरिक एसिड को काफी हद तक कम किया जा सकता है. आइए जानते हैं कि किन चीजों से दूरी बनानी चाहिए और कौन-से घरेलू उपाय आपकी मदद कर सकते हैं.
अगर आपका यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है तो कुछ चीजों का खाना कम या बंद कर देना चाहिए. खासकर मटन, झींगा मछली और अन्य हाई-प्रोटीन नॉनवेज खाद्य पदार्थ यूरिक एसिड बढ़ा सकते हैं. इसके अलावा समोसा, पकौड़े, तले हुए स्नैक्स, फास्ट फूड, बेकरी उत्पाद, केक-पेस्ट्री और ज्यादा मीठा आपको नुकसान कर सकता है और आपके जोड़ों का दर्द बढ़ा सकता है. कहा जाता हा कि दालें पोषण का अच्छा होता हैं, लेकिन जिन लोगों का यूरिक एसिड बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ हो, उन्हें सीमित मात्रा में खाना चाहिए.
यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने के लिए कुछ नेचूरल खाने का सेवन फायदेमंद माने जाते हैं. आंवला, खुबानी, लौकी, कद्दू, धनिया पानी, बार्ली वॉटर और जीरा युक्त छाछ शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं. ये शरीर में जमा अतिरिक्त यूरिक एसिड को बाहर निकालने में मदद कर सकता है.
दिनभर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीना सबसे आसान और प्रभावी उपाय माना जाता है. अधिक पानी पीने से किडनी यूरिक एसिड को शरीर से बाहर निकालने में मदद करती है.
नींबू पानी भी काफी फायदेमेंज माना जाता है. नींबू में मौजूद साइट्रिक एसिड यूरिक एसिड के क्रिस्टल बनने की संभावना को कम कर सकता है. वहीं नारियल पानी शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है.
हल्दी वाला दूध सूजन और दर्द को कम करने में सहायक माना जाता है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें जोड़ों में तकलीफ महसूस होती है.
आयुर्वेद में पुनर्नवा, गोक्षुर और अश्वगंधा जैसी जड़ी-बूटियों को यूरिक एसिड नियंत्रण में मदद माना गया है. पुनर्नवा किडनी की सफाई में मदद करती है, जबकि गोक्षुर किडनी की कार्यक्षमता को ठीक करने में मदद करता है. वही अश्वगंधा के बारे में बताएं तो सूजन और दर्द को कम करने में मदद कर सकती है. हालांकि किसी भी हर्बल उपाय को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से सलह जरुर लें.
तुलसी की चाय, अदरक-हल्दी की चाय और सीमित मात्रा में एप्पल साइडर विनेगर का पीना भी लाभकारी माना जाता है. ये शरीर में सूजन कम करने और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं.
यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने के लिए सिर्फ खानपान ही नहीं, बल्कि लाइफ स्टाइल में बदलाव भी जरूरी है. नियमित व्यायाम करें, वजन नियंत्रित रखें, तनाव कम करें और शराब के सेवन से बचें. समय-समय पर ब्लड टेस्ट कराकर अपने यूरिक एसिड स्तर की जांच भी कराते रहें.
यदि जोड़ों में लगातार दर्द और सूजन बनी रहे, चलने-फिरने में परेशानी हो, किडनी स्टोन की समस्या हो या जांच में यूरिक एसिड का स्तर लगातार बढ़ा हुआ मिले, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. इन सब चीजों को फॉलो करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरुर लें

