टीनपी डेस्क (TNP DESK): सीने में जलन होना, भारीपन महसूस होना या चलते समय तकलीफ होना अक्सर लोग गैस, एसिडिटी या थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन कई बार यही लक्षण किसी गंभीर बीमारी, खासकर हृदय (हार्ट) से जुड़ी समस्या का संकेत भी हो सकते हैं. अगर सीने में जलन के साथ चलने या सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत हो रही है, सांस फूल रही है या शरीर में असामान्य कमजोरी महसूस हो रही है, तो इसे हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है. समय पर जांच और इलाज से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है.

सीने में जलन हमेशा गैस नहीं होती
आमतौर पर मसालेदार भोजन, अनियमित खानपान या एसिड रिफ्लक्स के कारण सीने में जलन हो सकती है. लेकिन यदि यह समस्या बार-बार हो रही है या शारीरिक गतिविधि के दौरान बढ़ जाती है, तो यह हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट का संकेत भी हो सकती है. कई बार हार्ट अटैक की शुरुआत भी गैस जैसी बेचैनी या सीने में जलन से होती है.
चलने में दिक्कत क्यों होती है?
अगर थोड़ी दूर चलने, सीढ़ियां चढ़ने या हल्का काम करने पर ही थकान, सांस फूलना या सीने में दर्द महसूस हो, तो यह शरीर में ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति न होने का संकेत हो सकता है. यह हृदय, फेफड़ों या रक्त संचार से जुड़ी समस्या की ओर इशारा कर सकता है. लगातार ऐसा होना डॉक्टर से जांच कराने का स्पष्ट संकेत है.

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
• सीने में जलन या दबाव जैसा दर्द
• चलने या मेहनत करने पर सांस फूलना
• बाएं हाथ, कंधे, गर्दन या जबड़े तक दर्द फैलना
• अत्यधिक पसीना आना
• चक्कर आना या कमजोरी महसूस होना
• मतली या उल्टी जैसा महसूस होना
• बार-बार सीने में भारीपन

किन लोगों में जोखिम अधिक होता है?
कुछ लोगों में हृदय रोग का खतरा अधिक होता है, जैसे
• हाई ब्लड प्रेशर के मरीज
• डायबिटीज से पीड़ित लोग
• धूम्रपान करने वाले
• मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति
• हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोग
• जिनके परिवार में हृदय रोग का इतिहास हो
• 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोग

कब तुरंत अस्पताल जाएं?
यदि सीने में तेज दर्द 10–15 मिनट से अधिक रहे, दर्द हाथ, गर्दन या पीठ तक फैल जाए, सांस लेने में गंभीर परेशानी हो, अत्यधिक पसीना आए या व्यक्ति बेहोश होने लगे, तो बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल या आपातकालीन चिकित्सा सेवा से संपर्क करें. ऐसे मामलों में समय पर इलाज जीवन बचा सकता है.
बचाव के लिए अपनाएं ये आदतें
• संतुलित और पौष्टिक आहार लें.
• रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें.
• धूम्रपान और तंबाकू से दूरी बनाए रखें.
• ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराएं.
• पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करने की कोशिश करें.
• डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी लक्षण को गैस या एसिडिटी मानकर दवा न लें.

