रानी मुखर्जी की मां कृष्णा मुखर्जी का निधन, प्लेबैक सिंगर के तौर पर फिल्मों में किया था काम
बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी की मां कृष्णा मुखर्जी का 75 साल की उम्र में निधन हो गया है. परिवार ने बयान जारी कर इसकी जानकारी दी और इस मुश्किल समय में निजता का सम्मान करने की अपील की. कृष्णा मुखर्जी खुद भी प्लेबैक सिंगर रही थीं और हिंदी व बंगाली सिनेमा से जुड़ी थीं.
टीएनपी डेस्क (TNP DESK): बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी की मां कृष्णा मुखर्जी का निधन हो गया है. उन्होंने मंगलवार दोपहर 75 साल की उम्र में अंतिम सांस ली. कृष्णा मुखर्जी के निधन की जानकारी परिवार की तरफ से जारी बयान के जरिए दी गई है. खबर सामने आने के बाद मुखर्जी परिवार के साथ फिल्म इंडस्ट्री में भी शोक का माहौल है.
कृष्णा मुखर्जी के निधन की वजह को लेकर परिवार की ओर से फिलहाल कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.
परिवार ने लोगों से की प्राइवेसी की अपील
रानी मुखर्जी के पति आदित्य चोपड़ा की कंपनी यशराज फिल्म्स की ओर से परिवार का बयान जारी किया गया है. इसमें कृष्णा मुखर्जी के निधन की जानकारी देने के साथ इस मुश्किल समय में परिवार की निजता का सम्मान करने की अपील की गई है.
परिवार ने इस दुख की घड़ी में मिल रहे प्यार, प्रार्थनाओं और समर्थन के लिए लोगों का आभार भी जताया है.

प्लेबैक सिंगर थीं कृष्णा मुखर्जी
कृष्णा मुखर्जी का रिश्ता सिर्फ एक फिल्मी परिवार से होने तक सीमित नहीं था. उन्होंने खुद भी फिल्म इंडस्ट्री में काम किया था. वह प्लेबैक सिंगर रह चुकी थीं और हिंदी के साथ बंगाली सिनेमा में भी गायन से जुड़ी थीं.
कृष्णा मुखर्जी ने 1964 की बंगाली फिल्म 'मोमेर आलो' में प्लेबैक सिंगर के रूप में काम किया था. इसके बाद 1977 में आई फिल्म 'हैवान' और 1982 की हिंदी फिल्म 'तीसरी आंख' में भी वह प्लेबैक सिंगर के तौर पर जुड़ी थीं.
साल 1993 में रिलीज हुई बंगाली फिल्म 'तोमार रक्ते आमार सोहाग' में भी उनका नाम प्लेबैक सिंगर के तौर पर दर्ज है.
फिल्मी दुनिया से रहा परिवार का गहरा रिश्ता
कृष्णा मुखर्जी की शादी फिल्म निर्माता और निर्देशक राम मुखर्जी से हुई थी. राम मुखर्जी फिल्मालय स्टूडियो के संस्थापकों में शामिल थे. उनका 2017 में निधन हो गया था. कृष्णा और राम मुखर्जी के दो बच्चे रानी मुखर्जी और राजा मुखर्जी हैं. राजा भी फिल्म निर्माण और निर्देशन से जुड़े रहे हैं.
मुखर्जी परिवार का हिंदी और बंगाली सिनेमा से पुराना रिश्ता रहा है. कृष्णा मुखर्जी की बहन देबश्री रॉय भी बंगाली सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री हैं.

रानी के करियर में भी रही अहम भूमिका
रानी मुखर्जी कई मौकों पर अपनी मां के प्रभाव के बारे में बात कर चुकी हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक रानी ने बताया था कि फिल्मों में आने के पीछे उनकी मां की बड़ी भूमिका थी. कृष्णा मुखर्जी ने ही बेटी के अंदर अभिनय की क्षमता को पहचाना और उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.
इसके बाद रानी ने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई और 'गुलाम', 'कुछ कुछ होता है', 'साथिया', 'हम तुम', 'वीर-जारा', 'ब्लैक' और 'मर्दानी' जैसी कई चर्चित फिल्मों में काम किया.
कृष्णा मुखर्जी खुद लंबे समय से लाइमलाइट से दूर रहती थीं, लेकिन बेटी रानी के जीवन और फिल्मी सफर में उनकी भूमिका काफी अहम रही. अब उनके निधन से मुखर्जी परिवार ने अपने एक अहम सदस्य को खो दिया है.
रिपोर्ट- मौसम मुस्कान