टीएनपी डेस्क (TNP DESK): झारखंड के मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है. अब आर्थिक तंगी प्रतिभाशाली छात्रों की पढ़ाई में बाधा नहीं बनेगी. राज्य में ऐसे छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सरोजिनी दामोदर फाउंडेशन की ओर से छात्रवृत्ति योजना संचालित की जा रही है. इस योजना के तहत दसवीं बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जरूरतमंद विद्यार्थियों को प्लस टू और आगे ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. इससे हजारों छात्रों को अपनी पढ़ाई बिना किसी आर्थिक परेशानी के जारी रखने में मदद मिलेगी.
झारखंड शिक्षा परियोजना के स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर आदित्य रंजन ने बताया कि इस छात्रवृत्ति योजना का लाभ अधिक से अधिक योग्य विद्यार्थियों तक पहुंचे, इसके लिए सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं. स्कूल स्तर पर भी विद्यार्थियों को इस योजना की जानकारी देने और पात्र छात्रों से आवेदन भरवाने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया है. उन्होंने बताया कि चयन पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होगा और केवल मेधावी एवं आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को ही इसका लाभ मिलेगा. इस योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को 11वीं और 12वीं (प्लस टू) की पढ़ाई के लिए प्रति वर्ष 10 हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी. यह सहायता लगातार दो वर्षों तक प्रदान की जाएगी, ताकि विद्यार्थी बिना आर्थिक दबाव के अपनी स्कूली शिक्षा पूरी कर सकें. इसके बाद यदि छात्र प्लस टू की परीक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें उच्च शिक्षा के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहयोग दिया जाएगा.
ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने वाले चयनित छात्रों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धि और जरूरत के आधार पर 20 हजार रुपये से लेकर 75 हजार रुपये तक की छात्रवृत्ति दी जा सकती है. इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रतिभाशाली छात्र केवल आर्थिक अभाव के कारण अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़ें. हालांकि, इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ पात्रता शर्तें भी निर्धारित की गई हैं. आवेदन करने वाले छात्र के परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम होनी चाहिए. इसके अलावा विद्यार्थी ने वर्ष 2024 की 10वीं बोर्ड परीक्षा में कम से कम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों. वहीं दिव्यांग (PwD) छात्रों के लिए न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं. आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है और इसके लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा.
इच्छुक और पात्र विद्यार्थी 27 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की पूरी प्रक्रिया Vidyadhan पोर्टल के माध्यम से पूरी की जाएगी, जहां छात्र योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. शिक्षा विभाग ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करें. यह छात्रवृत्ति न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करेगी, बल्कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अपने सपनों को साकार करने और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का बेहतर अवसर भी देगी. सरकार और फाउंडेशन की यह पहल राज्य के उन हजारों छात्रों के लिए उम्मीद की नई किरण बन सकती है, जो प्रतिभा होने के बावजूद आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण आगे की पढ़ाई को लेकर चिंतित रहते हैं.

