टीएनपी डेस्क (TNP DESK): देश में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले लाखों छात्रों का सपना प्रतिष्ठित IIT संस्थानों में दाखिला लेने का होता है. हर साल JEE Advanced के परिणाम आने के बाद छात्रों के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है कि उन्हें किस IIT और किस ब्रांच का चयन करना चाहिए. इसी बीच IIRF 2026 और अन्य राष्ट्रीय रैंकिंग्स में शीर्ष संस्थानों की स्थिति भी छात्रों के फैसले को प्रभावित करती है. खासकर जब बात कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) की हो, तो IIT बॉम्बे और IIT दिल्ली सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं.
IIT दिल्ली और IIT बॉम्बे दोनों देश के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में गिने जाते हैं. इंजीनियरिंग शिक्षा, रिसर्च, प्लेसमेंट और ग्लोबल पहचान के मामले में दोनों संस्थानों की मजबूत साख है. यही वजह है कि JEE Advanced में शीर्ष रैंक हासिल करने वाले अधिकांश छात्र इन संस्थानों की CSE शाखा को प्राथमिकता देते हैं.
रैंकिंग में आगे कौन?
हाल के राष्ट्रीय रैंकिंग आंकड़ों के अनुसार IIT दिल्ली और IIT बॉम्बे दोनों शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में शामिल हैं. इंजीनियरिंग शिक्षा की गुणवत्ता, रिसर्च आउटपुट, इंडस्ट्री कनेक्शन और प्लेसमेंट रिकॉर्ड के आधार पर इनकी रैंकिंग तय की जाती है. IIT दिल्ली लगातार शीर्ष संस्थानों में अपनी जगह बनाए हुए है, जबकि IIT बॉम्बे भी छात्रों की पहली पसंद माना जाता है.
IIT बॉम्बे में CSE की सीटें
अगर कंप्यूटर साइंस ब्रांच की बात करें तो IIT बॉम्बे में चार वर्षीय बीटेक CSE कार्यक्रम के लिए कुल 198 सीटें उपलब्ध हैं. यही कारण है कि यहां दाखिले के लिए बेहद कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है. हर वर्ष केवल टॉप रैंक वाले छात्रों को ही इस शाखा में प्रवेश मिल पाता है.
IIT दिल्ली में CSE की सीटें
वहीं IIT दिल्ली के चार वर्षीय बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग कार्यक्रम में 99 सीटें हैं. सीटों की संख्या कम होने के कारण यहां कटऑफ और भी अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाती है. इसके अलावा संस्थान पांच वर्षीय ड्यूल डिग्री प्रोग्राम भी संचालित करता है, जिसे लेकर भी छात्रों में खासा आकर्षण रहता है.
एडमिशन प्रक्रिया कैसे होती है?
IIT में प्रवेश पाने के लिए छात्रों को पहले JEE Main परीक्षा पास करनी होती है. इसके बाद चयनित अभ्यर्थी JEE Advanced में शामिल होते हैं. JEE Advanced में प्राप्त रैंक के आधार पर JoSAA काउंसलिंग के जरिए विभिन्न IITs और ब्रांचों का आवंटन किया जाता है. काउंसलिंग के दौरान छात्रों को अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स भरने का अवसर मिलता है. अंतिम आवंटन सीटों की उपलब्धता, श्रेणी और उम्मीदवार की रैंक पर निर्भर करता है.
CSE के लिए कितनी रैंक चाहिए?
कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग सबसे अधिक मांग वाली शाखाओं में शामिल है. IIT बॉम्बे में CSE के लिए सामान्य वर्ग के छात्रों की रैंक आमतौर पर 100 के भीतर रहती है. वहीं IIT दिल्ली में भी CSE में प्रवेश पाने के लिए शीर्ष रैंक हासिल करना जरूरी माना जाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि जिन छात्रों की रैंक बेहतर होती है, उनके लिए CSE, इलेक्ट्रिकल और मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग जैसी लोकप्रिय शाखाओं में प्रवेश की संभावना अधिक रहती है.
छात्रों के लिए क्या है बेहतर विकल्प?
IIT बॉम्बे और IIT दिल्ली दोनों ही उत्कृष्ट संस्थान हैं. अंतिम चयन छात्र की रुचि, करियर लक्ष्य, कैंपस संस्कृति, शोध अवसरों और प्लेसमेंट प्राथमिकताओं पर निर्भर करता है. यदि किसी छात्र का लक्ष्य टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर सेक्टर में करियर बनाना है, तो दोनों संस्थान बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं. JEE Advanced के बाद JoSAA काउंसलिंग में भाग लेने वाले छात्रों को सीट मैट्रिक्स, कटऑफ ट्रेंड और संस्थान की विशेषताओं का गहन अध्ययन करने के बाद ही अंतिम फैसला लेना चाहिए.