IIT धनबाद का बड़ा ऐलान! 4 साल तक नहीं देनी होगी ट्यूशन फीस, जानिए क्या है पूरा प्रोसेस और क्या रहेगी शर्त

IIT धनबाद का बड़ा ऐलान! 4 साल तक नहीं देनी होगी ट्यूशन फीस, जानिए क्या है पूरा प्रोसेस और क्या रहेगी शर्त

धनबाद (DHANBAD): अगर आपने JEE Advanced 2026 में शानदार प्रदर्शन किया है और JoSAA काउंसलिंग के जरिए देश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश की तैयारी कर रहे हैं, तो IIT (ISM) धनबाद की यह घोषणा आपके लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है. संस्थान ने मेधावी छात्रों को आकर्षित करने के लिए ऐसी स्कॉलरशिप योजना शुरू की है, जिसके तहत चुने गए छात्रों को पूरे अंडरग्रेजुएट कोर्स के दौरान ट्यूशन फीस से पूरी तरह छूट मिलेगी.

किन छात्रों को मिलेगा लाभ?
IIT (ISM) धनबाद की आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह सुविधा केवल उन उम्मीदवारों के लिए है जिन्होंने JEE Advanced 2026 की कॉमन रैंक लिस्ट (CRL) में ऑल इंडिया रैंक 1 से 1000 के बीच स्थान प्राप्त किया है. हालांकि, इन पात्र छात्रों में से भी केवल वे 10 छात्र चुने जाएंगे जो JoSAA काउंसलिंग के दौरान IIT (ISM) धनबाद को प्राथमिकता देते हुए संस्थान में प्रवेश लेंगे.

पूरे बीटेक कोर्स की ट्यूशन फीस होगी माफ
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि यह लाभ केवल शुरुआती सेमेस्टर तक सीमित नहीं है. चयनित छात्रों को पूरे अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम, जैसे चार वर्षीय बीटेक पाठ्यक्रम, की 100 प्रतिशत ट्यूशन फीस माफी मिलेगी. IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पढ़ाई पर लाखों रुपये खर्च होते हैं, इसलिए यह योजना छात्रों और उनके परिवारों के लिए बड़ी आर्थिक सहायता साबित होगी.

JoSAA काउंसलिंग से होगा चयन
इस स्कॉलरशिप के लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है. पूरी प्रक्रिया JoSAA काउंसलिंग के माध्यम से ही पूरी की जाएगी.
1.    उम्मीदवार JoSAA पोर्टल पर IIT (ISM) धनबाद के बीटेक या अन्य पाठ्यक्रमों को अपनी चॉइस लिस्ट में शामिल करेंगे.
2.    काउंसलिंग के बाद संस्थान में प्रवेश लेने वाले छात्रों की सूची तैयार की जाएगी.
3.    उस सूची में शामिल उन छात्रों में से, जिनकी JEE Advanced रैंक सबसे बेहतर होगी और जो 1000 के भीतर होंगे, शीर्ष 10 छात्रों को फीस माफी के लिए चयनित किया जाएगा.
   
योजना जारी रखने के लिए क्या हैं शर्तें?
फीस माफी का लाभ पाने के बाद भी छात्रों को संस्थान के कुछ महत्वपूर्ण नियमों का पालन करना होगा.
•    छात्र का आचरण और अनुशासन संतोषजनक होना चाहिए.
•    यदि किसी छात्र पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होती है, तो यह सुविधा वापस ली जा सकती है.
•    आगे के वर्षों में स्कॉलरशिप जारी रखने के लिए संस्थान द्वारा निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक प्रदर्शन, जैसे आवश्यक CGPA, बनाए रखना अनिवार्य होगा.