बिहार में बाढ़ का कहर, राहत शिविर पहुंचे CM सम्राट ने खुद परोसा खाना, पीड़ितों के साथ किया भोजन
बिहार के सोनपुर में बाढ़ राहत शिविर के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कम्युनिटी किचन की भोजन व्यवस्था देखी. खाने की गुणवत्ता को लेकर सवालों के बीच उन्होंने खुद बाढ़ पीड़ितों को भोजन परोसा और उनके साथ बैठकर खाना भी खाया.
सोनपुर (SONPUR): बिहार में कई नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण बाढ़ से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है. गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती के उफान से राज्य के कई जिलों में बड़ी आबादी प्रभावित हुई है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 12 जिलों के 70 प्रखंडों की 368 पंचायतों में करीब 22.42 लाख लोग बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं. हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत इंतजामों का जायजा ले रहे हैं.
हाजीपुर में राहत शिविर का किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी वैशाली और सारण के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे. हाजीपुर के जढूआ में संचालित राहत शिविर का निरीक्षण करते हुए उन्होंने वहां मौजूद लोगों से बातचीत की. अधिकारियों से शिविर में भोजन, रहने और दूसरी जरूरी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली. मुख्यमंत्री ने सामुदायिक रसोई की व्यवस्था भी देखी और भोजन की गुणवत्ता का जायजा लिया. राहत शिविर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर उन्होंने बच्चों से मुलाकात की. इस दौरान बाढ़ के पानी में डूबने से जान गंवाने वाले लोगों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि के चेक भी दिए गए.
सोनपुर में खुद परोसा खाना, पीड़ितों के साथ किया भोजन
सोनपुर के राहत शिविर में मुख्यमंत्री का अलग अंदाज देखने को मिला. कम्युनिटी किचन में तैयार हो रहे खाने और उसकी गुणवत्ता को लेकर सवालों के बीच सम्राट चौधरी ने खुद बाढ़ पीड़ितों को भोजन परोसा. इसके बाद वह पीड़ितों के साथ बैठ गए और वही खाना खाया जो शिविर में लोगों को दिया जा रहा था. इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी भी मौजूद रहे. दोनों नेताओं ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और राहत शिविर की व्यवस्थाओं की जानकारी ली.
अधिकारियों को व्यवस्था में कमी नहीं होने देने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राहत शिविरों में भोजन, राहत सामग्री और दूसरी आवश्यक सुविधाओं की कमी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि गंगा का जलस्तर करीब 17 से 18 सेंटीमीटर कम हुआ है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. आने वाले दो से तीन दिनों में हालात में और सुधार होने की उम्मीद जताई गई है.