पीछे देखिए, कपड़ा फंसा है... बातों में उलझाकर रिटायर्ड फौजी से 50 हजार उड़ा ले गए ठग
वैशाली में रिटायर्ड फौजी से दिनदहाड़े 50 हजार की चोरी, बदमाशों ने बातों में उलझाकर झोला काटकर वारदात को दिया अंजाम
वैशाली में रिटायर्ड फौजी से दिनदहाड़े 50 हजार की चोरी, बदमाशों ने बातों में उलझाकर झोला काटकर वारदात को दिया अंजाम
वैशाली(VAISALI): जिले में सोमवार को दिनदहाड़े एक बड़ी आपराधिक वारदात सामने आई, जहां उचक्कों ने एक रिटायर्ड सेना जवान को निशाना बनाकर 50 हजार रुपये नकद, बैंक पासबुक और चेक लेकर फरार हो गए. यह घटना महनार बाजार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने हुई.
टांडा चौड़ी वार्ड संख्या-16 निवासी महादेव साह भारतीय स्टेट बैंक से 50 हजार रुपये निकालकर साइकिल से अपने घर लौट रहे थे. जैसे ही वे अस्पताल के पास पहुंचे, वहां पहले से मौजूद एक टेम्पो चालक संदिग्ध तरीके से उनके आसपास घूमता नजर आया. उसी दौरान कुछ दूरी पर मौजूद 4 से 5 बदमाशों ने सुनियोजित तरीके से उन्हें घेर लिया.
शातिर अपराधियों ने चालाकी से पीड़ित को बातों में उलझा दिया और कहा कि उनकी साइकिल में कपड़ा फंस गया है. इसी बहाने उनका ध्यान भटक गया. मौके का फायदा उठाते हुए बदमाशों ने ब्लेड से उनका झोला काट दिया और उसमें रखे 50 हजार रुपये नकद, दो बैंक पासबुक और एक चेक निकालकर फरार हो गए.
कुछ देर बाद जब महादेव साह को इस घटना का एहसास हुआ, तो उन्होंने शोर मचाया, लेकिन तब तक आरोपी भीड़ का फायदा उठाकर फरार हो चुके थे. अचानक हुई इस वारदात से बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग दहशत में आ गए.
इस घटना ने स्थानीय प्रशासन द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पीड़ित के अनुसार, पुलिस के साथ जब वे फुटेज देखने पहुंचे तो अधिकांश कैमरे बंद पाए गए. नगर परिषद के कर्मचारियों ने भी स्वीकार किया कि कई कैमरे पिछले कुछ दिनों से खराब स्थिति में हैं. इससे लोगों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी बढ़ गई है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सुरक्षा के लिए लगाए गए कैमरे ही सही समय पर काम नहीं करते, तो उनका कोई लाभ नहीं रह जाता. घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष वेदानंद सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी. पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की पहचान करने में जुटी हुई है.