हाजीपुर में CM के दौरे के बाद पशु चारा वापस ले जाने पर बवाल, प्रशासन ने लिया बड़ा एक्शन
हाजीपुर में मुख्यमंत्री के दौरे के बाद बाढ़ राहत शिविर से पशुओं के लिए मंगाया गया चोकर वापस ले जाने का मामला सामने आया है.वीडियो वायरल होने के बाद वैशाली जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए जिला पशुपालन पदाधिकारी समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है.
हाजीपुर(HAZIPUR): बिहार के हाजीपुर में बाढ़ राहत व्यवस्था से जुड़ा एक मामला सामने आने के बाद वैशाली जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. आरोप है कि मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए बाढ़ प्रभावित इलाकों में पशुओं के लिए मंगाया गया चोकर कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वापस ले जाया गया. घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी.
मुख्यमंत्री के दौरे के लिए मंगाया गया था पशु चारा
मामला हाजीपुर क्षेत्र के बाढ़ राहत शिविरों से जुड़ा बताया जा रहा है. मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर राहत व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पशुओं के चारे की व्यवस्था की गई थी. इसके तहत पशुओं के लिए विशेष रूप से चोकर मंगाया गया था. आरोप है कि मुख्यमंत्री का दौरा समाप्त होने के तुरंत बाद राहत सामग्री को वहां से वापस समेटा जाने लगा.
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप
पशु चारा वापस ले जाने की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया. वीडियो वायरल होते ही जिला प्रशासन सक्रिय हुआ और पूरे प्रकरण की जांच तथा जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू की गई. बाढ़ जैसी आपदा के दौरान राहत सामग्री को लेकर सामने आई लापरवाही को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है.
तीन लोगों पर FIR दर्ज करने का निर्देश
मामले में वैशाली के जिलाधिकारी ने कड़ा कदम उठाते हुए तत्कालीन जिला पशुपालन पदाधिकारी समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है. प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद संबंधित विभाग में भी हलचल तेज हो गई है. प्रशासनिक कार्रवाई केवल एफआईआर के निर्देश तक सीमित नहीं रही. तत्कालीन जिला पशुपालन पदाधिकारी को पद से हटा दिया गया है. उनकी जगह हाजीपुर के अनुमंडल पशुपालन पदाधिकारी रंजीत कुमार शर्मा को जिला पशुपालन पदाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
आगे की कानूनी कार्रवाई जारी
इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है. वायरल वीडियो के बाद हुई कार्रवाई ने बाढ़ राहत सामग्री के वितरण और उसकी निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं. प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि राहत कार्यों में किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.